142 करोड़ रुपए ब्याज में डूबे
वसूली के लिए निगम ने कसी कमर,
5 हजार रुपए से अधिक बकायेदारों को नोटिस
हुब्बल्ली। हुब्बल्ली-धारवाड़ महानगर निगम क्षेत्र में जल बिल का बकाया लगातार बढ़ता जा रहा है। उपभोक्ताओं पर कुल 344.01 करोड़ रुपए की देनदारी है, जिसमें 142.33 करोड़ रुपए केवल ब्याज के हैं। भारी बकाए की वसूली निगम के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। ऐसे में उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) लागू करने की मांग जोर पकड़ रही है।
घरेलू उपभोक्ताओं पर 183 करोड़ रुपए का बोझ
सबसे अधिक बकाया घरेलू जल कनेक्शनों पर है। घरेलू उपभोक्ताओं पर कुल 183.31 करोड़ रुपए बकाया है। इसमें 100.26 करोड़ रुपए मूल राशि और 83.05 करोड़ रुपए ब्याज शामिल है। वाणिज्यिक कनेक्शनों पर 17.76 करोड़ रुपए, गैर-घरेलू कनेक्शनों पर 4.51 करोड़ रुपए और थोक जल कनेक्शनों पर 7.88 करोड़ रुपए बकाया है। ग्रामीण क्षेत्रों के कनेक्शनों पर भी 130.55 करोड़ रुपए की देनदारी है।
1.86 लाख से अधिक जल कनेक्शन
निरंतर जलापूर्ति योजना के तहत एलएंडटी की ओर से विभिन्न श्रेणियों के जल कनेक्शनों को अधिकृत करने और डिजिटल मीटर लगाने का काम जारी है। अगस्त के अंत तक कुल 1,86,401 जल कनेक्शन दर्ज किए गए हैं। इनमें 1,82,801 घरेलू, 2,250 वाणिज्यिक, 1,290 गैर-घरेलू, 45 थोक जलापूर्ति और 15 ग्रामीण कनेक्शन शामिल हैं। अनधिकृत कनेक्शनों को नियमित करने की प्रक्रिया भी चल रही है।
ओटीएस से उपभोक्ताओं को मिल सकती है राहत
विद्यानगर निवासी दीपक ने बताया कि 2012 में एकमुश्त भुगतान योजना लागू की गई थी। उनका कहना है कि उसी तर्ज पर फिर ओटीएस लागू होने से उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और निगम को भी बकाया वसूलने में मदद मिल सकती है। हालांकि, मूल बकाया माफ करने या ब्याज में छूट देने का निर्णय सरकार के स्तर पर ही संभव है।
5 हजार रुपए से अधिक बकाए पर नोटिस
कुसेम्प्स योजना क्रियान्वयन की अधीक्षण अभियंता सविता कटिगेण्णवर ने बताया कि 5,000 रुपए से अधिक जल बिल बकाया रखने वाले उपभोक्ताओं को नोटिस दिए जा रहे हैं। भुगतान नहीं करने पर जल कनेक्शन काटे जा रहे हैं। निगम की ओर से सरकार को एकमुश्त समाधान योजना लागू करने का प्रस्ताव भी भेजा गया है।
उपभोक्ता 222.द्धस्रद्वष्2ड्डह्लद्गह्म्.द्बठ्ठ, बिल पर दिए गए गतिशील क्यूआर कोड, कर्नाटक वन और बीबीपीएस के माध्यम से जल बिल का भुगतान कर सकते हैं।
आंकड़ों में जल बिल का बोझ
कुल बकाया – 344.01 करोड़ रुपए
ब्याज – 142.33 करोड़ रुपए
घरेलू बकाया – 183.31 करोड़ रुपए
ग्रामीण बकाया – 130.55 करोड़ रुपए
कुल जल कनेक्शन – 1,86,401
5,000 रुपए से अधिक बकाए पर – नोटिस
भुगतान नहीं करने पर – कनेक्शन काटने की कार्रवाई
2012 में – लागू हुई थी एकमुश्त समाधान योजना
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