जीएसटी के 9 साल बाद भी 15 चेकपोस्ट कायम
हटाने को बनी समिति महीनों से निष्क्रिय
मनगूली में लारी चालकों का फूटा गुस्सा
हुब्बल्ली। जीएसटी लागू हुए नौ साल हो गए, परिवहन से जुड़ी अधिकांश प्रक्रियाएं ऑनलाइन हो चुकी हैं और कई राज्यों ने आरटीओ चेकपोस्ट हटा दिए हैं। इसके बावजूद कर्नाटक में 15 चेकपोस्ट अब भी चल रहे हैं। इन्हें हटाने के लिए समिति तो बनी, लेकिन महीनों बाद भी न बैठक हुई और न दूसरे राज्यों की व्यवस्था का अध्ययन। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब दूसरे राज्य चेकपोस्ट-मुक्त व्यवस्था की ओर बढ़ चुके हैं, तो कर्नाटक में यह व्यवस्था आखिर क्यों कायम है?
इसी सवाल के बीच विजयपुर के पास मनगूली में कथित चेकपॉइंट को लेकर शनिवार को लारी चालकों का आक्रोश सडक़ पर उतर आया। प्रदर्शन के दौरान अधिकारियों से कथित धक्का-मुक्की और मारपीट के प्रयास के वीडियो सामने आए। वाहनों की लंबी कतार से यातायात बाधित हुआ और इसी रास्ते से गुजर रहे मंत्री एमबी पाटील भी जाम में फंस गए। उनकी नाराजगी के बाद पुलिस के निर्देश पर चेकपॉइंट को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा।
समिति बनी, फाइल आगे नहीं बढ़ी
पूर्व परिवहन मंत्री रामलिंगा रेड्डी के कार्यकाल में चेकपोस्ट व्यवस्था खत्म करने की संभावनाओं का अध्ययन करने के लिए छह सदस्यीय समिति बनाई गई थी। अतिरिक्त परिवहन आयुक्त सी. मल्लिकार्जुन को इसका अध्यक्ष बनाया गया। समिति को गुजरात समेत उन राज्यों का दौरा कर अध्ययन करना था, जहां चेकपोस्ट हटाए जा चुके हैं।
लेकिन महीनों बाद भी समिति की एक बैठक तक नहीं होने का दावा है। न राज्यों का दौरा हुआ, न रिपोर्ट तैयार हुई। यानी चेकपोस्ट हटाने का फैसला कागज पर समिति तक पहुंचा, लेकिन जमीन पर आगे नहीं बढ़ सका।
मनगूली में रोजाना 10 लाख वसूली का दावा
अधिकारियों के अनुसार शेडोन मार्ग पर आधिकारिक चेकपोस्ट है, लेकिन कुछ वाहन जांच से बचकर निकल रहे थे। इसी कारण मनगूली में चेकपॉइंट शुरू किया गया। दावा है कि यहां रोजाना करीब 10 लाख रुपए शुल्क वसूला जा रहा था और महज 16 दिनों में 5 हजार से अधिक मामले दर्ज किए गए।
अधिकारियों का कहना है कि मनगूली में स्थायी चेकपोस्ट स्थापित करने के लिए सरकार से अनुमति मिल चुकी है। वहीं, लारी मालिक संगठनों का सवाल है कि जब अधिकांश प्रक्रियाएं ऑनलाइन हैं तो वाहनों को सडक़ पर रोककर जांच की व्यवस्था आखिर कब तक जारी रहेगी?
कतार, कथित वसूली और स्टाफ की कमी का तर्क
परिवहन संगठनों का आरोप है कि चेकपोस्ट पर जांच के नाम पर अवैध वसूली की शिकायतें आती हैं और भारी वाहनों को घंटों कतार में खड़ा रहना पड़ता है। उनका कहना है कि चेकपोस्ट पर बड़ी संख्या में कर्मचारियों की तैनाती के कारण विभाग के अन्य कार्यालयों में स्टाफ की कमी बनी रहती है।
परिवहन आयुक्त डॉ. आर. सेल्वमणि ने मनगूली की घटना की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश अतिरिक्त आयुक्त को दिए हैं। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राज्य लारी मालिक महासंघ के अध्यक्ष जीआर षण्मुगप्पा के अनुसार परिवहन मंत्री बैरति सुरेश और परिवहन आयुक्त ने गुजरात की चेकपोस्ट-मुक्त व्यवस्था का अध्ययन करने के लिए समिति भेजने का आश्वासन दिया है। अब देखना यह है कि अध्ययन और समिति के बाद कर्नाटक में चेकपोस्ट पर फैसला होता है या फिर फाइल एक और दौर की प्रतीक्षा में चली जाती है।
Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?
अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें
हर खबर सबसे पहले
Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z
