कर्नाटक-महाराष्ट्र सीमा पर छापा
पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन व उपकरण जब्त, मुख्य आरोपी फरार
बागलकोट। भ्रूण लिंग जांच और अवैध गर्भपात के कथित नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की महिला अधिकारियों ने अनोखी रणनीति अपनाई। जमखंडी की उपखंड अधिकारी श्वेता बीडिकर गर्भवती महिला बनकर पहुंचीं, जबकि स्वास्थ्य विभाग की उप निदेशक शोभा टीआर ने उसकी ननद और जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. सुवर्णा कुलकर्णी ने सास की भूमिका निभाई। करीब 17 घंटे चली कार्रवाई में कर्नाटक-महाराष्ट्र सीमा पर सक्रिय बताए जा रहे नेटवर्क का पता चला। टीम ने पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन सहित जांच में इस्तेमाल होने वाले उपकरण जब्त किए हैं।
कार्रवाई में रबकवी-बनहट्टी के तहसीलदार गिरीश स्वादी, बेंगलूरु स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मनु सहित जिला स्तरीय अधिकारी और पुलिसकर्मी शामिल रहे।
छह माह पहले जेल गई थी मुख्य महिला आरोपी
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, महालींगपुर की कविता बाडनवर पर कर्नाटक-महाराष्ट्र सीमा क्षेत्र में लंबे समय से भ्रूण लिंग जांच और अवैध गर्भपात कराने के आरोप लगते रहे हैं। करीब छह माह पहले भी उसे इसी मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। जमानत पर बाहर आने के बाद उसके फिर से इस गतिविधि में सक्रिय होने की शिकायतें मिलीं।
मामले में स्थानीय स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर स्वास्थ्य मंत्री यूटी खादर के निर्देश पर बेंगलूरु से वरिष्ठ अधिकारियों की टीम भेजी गई।
मध्यस्थ से मिली सीमा पार नेटवर्क की जानकारी
पीसीपीएनडीटी विभाग की उप निदेशक शोभा टीआर और अधिकारी मनु ने महालींगपुर पहुंचकर जांच शुरू की। कविता बाडनवर के घर की जांच और पूछताछ के दौरान मिले सुरागों के आधार पर टीम ने सीमा पार नेटवर्क तक पहुंचने की योजना बनाई।
5 अक्टूबर को महिला अधिकारियों ने गर्भवती महिला और उसके परिजनों का रूप धारण कर अभियान शुरू किया। पूछताछ में महाराष्ट्र के जत तालुक के जाडर बबलादी को कथित तौर पर भ्रूण लिंग जांच केंद्र के तौर पर इस्तेमाल किए जाने की जानकारी मिली। अधिकारियों के अनुसार, कविता ने 3-4 गर्भवती महिलाओं को वहां जांच और कथित गर्भपात के लिए ले जाने की बात बताई।
खेत के मकान से कर्जगी तक पहुंचा सुराग
टीम रात में जाडर बबलादी पहुंची और निखिल तेली से संपर्क किया। पूछताछ में पता चला कि कथित जांच एक खेत में बने मकान में की जाती है। निखिल की मां दानक्का तेली ने कथित तौर पर जांच के लिए रकम मांगी और पोर्टेबल मशीन कर्जगी गांव में कविता गोड़ेकर के घर पर रखे जाने की जानकारी दी।
इसके बाद टीम कर्जगी पहुंची। कविता गोड़ेकर और बसवराज गोड़ेकर के घर पर पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन से जांच की तैयारी चल रही थी। अधिकारियों ने मौके पर कार्रवाई करते हुए मशीन और अन्य उपकरण जब्त कर लिए।
कार्रवाई की भनक लगते ही मुख्य आरोपी फरार
अधिकारियों के अनुसार, नेटवर्क का प्रमुख सूत्रधार और कथित फर्जी चिकित्सक संजय वाघमोरे उर्फ पाटील को कार्रवाई की भनक लग गई और वह मौके से फरार हो गया। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम उसकी तलाश कर रही है। मामले में जब्त उपकरणों और आरोपियों की भूमिका की आगे जांच की जा रही है।
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