स्टिंग ऑपरेशन में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
2028 के बाद कांग्रेस कार्यालय में दीप जलाने वाला भी नहीं बचेगा
दावणगेरे। चित्रदुर्ग के सांसद गोविंद कारजोल ने कांग्रेस पर सत्ता की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए तंज कसा कि पार्टी की हालत ‘चावल पर नजर, रिश्तेदारों से प्यार’ जैसी हो गई है। उन्होंने दावा किया कि 2028 के विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस कार्यालय में दीप जलाने वाला भी कोई नहीं बचेगा।
दावणगेरे में पत्रकारों से बातचीत और भाजपा-जद(एस) की दक्षिण-पूर्व स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की चुनावी सभा में उन्होंने राज्य सरकार और कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधा।
राज्य में चर्चा में आए स्टिंग ऑपरेशन विवाद पर कारजोल ने कहा कि दोषी चाहे कोई भी हो, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। नागरिकों की सुरक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है और सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं का आचरण समाज के लिए आदर्श होना चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी हों या कोई अन्य नेता, सभी को संविधान के दायरे में रहकर काम करना चाहिए।
मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या के समर्थन में कांग्रेस नेताओं के सामने नहीं आने संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी में जनहित से अधिक सत्ता की चिंता दिखाई दे रही है। राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार और प्रशासनिक निष्क्रियता के आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार जनता की समस्याओं का समाधान करने में विफल रही है। विपक्ष सूखे की स्थिति, किसानों की समस्याओं और प्रशासनिक जवाबदेही के मुद्दे उठा रहा है।
चुनावी सभा में कारजोल ने कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं को राजनीतिक विवादों में घसीटने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे निर्वाचन आयोग, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो, आयकर विभाग, नीट परीक्षा और न्यायपालिका जैसी संस्थाओं पर आरोप लगाते हैं। उनके अनुसार, संस्थाओं की गरिमा और विश्वसनीयता बनाए रखना सभी दलों की जिम्मेदारी है।
कारजोल ने राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर भी आरोप लगाए और दावा किया कि इस मामले में न्यायालय में विवाद लंबित है। हालांकि, ब्रिटिश नागरिकता हासिल करने और चुनावी अयोग्यता से जुड़े उनके दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?
अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें
हर खबर सबसे पहले
Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

