मुंबई के पश्चिमी उपनगरों को मिलेगी रफ्तार

60 किमी के तटीय मार्ग का काम तेज करने के निर्देश

वर्सोवा से भाईंदर तक जुड़ेगा उत्तर तटीय मार्ग

गोरेगांव, मलाड और चारकोप में पुलों व भूमिगत सुरंगों के निर्माण की आयुक्त अश्विनी भिडे ने की समीक्षा

मुंबई। मुंबई के पश्चिमी उपनगरों में यातायात जाम से राहत दिलाने की महत्वाकांक्षी योजना को गति देने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने उत्तर तटीय मार्ग परियोजना के निर्माण कार्यों की समीक्षा तेज कर दी है। वर्सोवा से भाईंदर तक करीब 60 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के निर्माण में तेजी लाने के लिए महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिडे ने सोमवार को गोरेगांव, ओशिवरा, लोखंडवाला, मलाड, चारकोप और गोराई स्थित परियोजना स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण की रफ्तार बढ़ाई जाए, विभागों के बीच समन्वय मजबूत हो और सुरक्षा तथा गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए।

परियोजना का उद्देश्य पश्चिमी उपनगरों के बीच आवागमन को सुगम बनाना और प्रमुख सडक़ों पर यातायात का दबाव कम करना है। संपर्क मार्गों, पुलों, जंक्शनों और भूमिगत सुरंगों से जुड़ी यह परियोजना सात पैकेज में पूरी की जा रही है। आयुक्त ने अधिकारियों को हर चरण की सूक्ष्म योजना बनाकर निर्धारित समयसीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए।

गोरेगांव में पुल तैयार, संपर्क मार्ग से जुड़ेगा तटीय रास्ता

गोरेगांव-मुलुंड जोड़ मार्ग के तहत दिंडोशी न्यायालय से दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी तक 1.26 किलोमीटर लंबा उन्नत पुल बनकर तैयार है। इसे उत्तर तटीय मार्ग के संपर्क मार्ग से जोड़ा जाएगा। गोरेगांव से ओबेरॉय मॉल तक बन रहे एक अन्य पुल के 38 खंभों में से 11 का निर्माण पूरा हो चुका है। जलवाहिनी स्थानांतरित करने का काम जारी है।

गोरेगांव में मौजूदा वीर सावरकर पुल को गिराए बिना उसके ऊपर नया उन्नत पुल बनाने की योजना भी है। इससे पश्चिमी उपनगरों की यातायात व्यवस्था को तटीय मार्ग से जोडऩे में मदद मिलेगी।

मलाड में अड़चनें दूर करने की कवायद

लोखंडवाला-मिल्लत नगर जंक्शन पर लगभग 10 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण पूरा हो चुका है और नींव के खंभे बनाने का काम चल रहा है। भगतसिंह नगर में ओशिवरा खाड़ी पर बन रहे पुल का काम तय समय में पूरा करने के लिए अतिरिक्त श्रमिक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। पुल से आगे संपर्क मार्ग उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों और झोपड़पट्टी पुनर्विकास प्राधिकरण के साथ समन्वय करने को कहा गया है।

मलाड के माइंडस्पेस उद्यान क्षेत्र में निर्माण के दौरान उद्यान की सुरक्षा दीवार, उच्चदाब बिजली लाइन और अन्य बाधाओं का आकलन कर उन्हें दूर करने पर जोर दिया गया।

चारकोप में दोहरी भूमिगत सुरंगों का निर्माण

माइंडस्पेस से कांदिवली के चारकोप तक उत्तर और दक्षिण दिशा में लगभग 3.9-3.9 किलोमीटर लंबी दो भूमिगत सुरंगें बनाई जाएंगी। इनके निर्माण के लिए चारकोप में 65 मीटर लंबे और 40 मीटर चौड़े क्षेत्र में खुदाई तथा नींव के खंभे बनाने का काम जारी है। चारकोप से गोराई संपर्क जंक्शन तक लगभग 3.78 किलोमीटर लंबे मार्ग का भी विकास किया जा रहा है।

आयुक्त अश्विनी भिडे ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रमिकों, मशीनों और तकनीकी संसाधनों की जरूरत का नियमित आकलन किया जाए। निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन हो और सभी विभाग मिलकर काम करें, ताकि परियोजना में अनावश्यक देरी न हो।

परियोजना पूरी होने पर वर्सोवा से भाईंदर तक तटीय संपर्क मजबूत होगा और पश्चिमी उपनगरों में यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

 

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By Bharat Ki Awaz

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