तोलहुणसे स्टेशन बनेगा जंक्शन, पांच प्लेटफॉर्म से बदलेगी तस्वीर

दावणगेरे में रेल कनेक्टिविटी को नई रफ्तार

दावणगेरे. दावणगेरे-चित्रदुर्ग-तुमकुरु नई सीधी रेल परियोजना के साथ तोलहुणसे रेलवे स्टेशन का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। स्टेशन को जंक्शन के रूप में विकसित करने के लिए प्लेटफॉर्म विस्तार, नई रेल पटरियां बिछाने, सिग्नल व्यवस्था और दोनों रेल मार्गों को जोडऩे का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है।

रेलवे सूत्रों के अनुसार, अधिकांश तकनीकी कार्य माह के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद इस मार्ग पर रेल संचालन शुरू करने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। अब तक तोलहुणसे स्टेशन पर केवल दो प्लेटफॉर्म थे।

जंक्शन के रूप में विकसित होने के बाद यहां प्लेटफॉर्म की संख्या बढ़ाकर पांच की जा रही है। स्टेशन के एक छोर पर रेल लाइनें अलग-अलग दिशाओं में जुड़ रही हैं। दो रेल मार्गों को आपस में जोडऩे के साथ सिग्नल लाइट और अन्य तकनीकी उपकरण लगाने का काम भी जारी है। परियोजना पूरी होने के बाद तोलहुणसे दावणगेरे का एक महत्वपूर्ण रेलवे केंद्र बन सकता है।

192 किमी सीधी रेल लाइन से घटेगी दूरी

मुंबई-बेंगलूरु रेल संपर्क वर्तमान में बीरूर-अरसीकेरे होते हुए तुमकुरु की ओर जाता है। चिक्कमगलूरु और हासन जिलों से होकर जाने वाले इस मार्ग के मुकाबले दावणगेरे-चित्रदुर्ग-तुमकुरु सीधा रेल मार्ग यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक और किफायती साबित होने की उम्मीद है। 192 किलोमीटर लंबी इस नई रेल लाइन के शुरू होने से बेंगलूरु-दावणगेरे के बीच रेल दूरी करीब 53 किलोमीटर कम हो जाएगी। इसी परियोजना के लिए स्वीकृत राशि से तोलहुणसे स्टेशन के पुनर्विकास और जंक्शन निर्माण का काम भी किया जा रहा है।

तोलहुणसे स्टेशन बनेगा जंक्शन, पांच प्लेटफॉर्म से बदलेगी तस्वीर

पांच प्लेटफॉर्म के साथ बढ़ेंगी यात्री सुविधाएं

अब तक तोलहुणसे स्टेशन का इस्तेमाल मुख्य रूप से ट्रेनों की क्रॉसिंग के लिए होता रहा है। इसके कारण यात्रियों के लिए पर्याप्त सुविधाएं विकसित नहीं हो सकी थीं। बैठने की व्यवस्था, वाहन पार्किंग, खान-पान सहित कई बुनियादी सुविधाओं की कमी रही है। जंक्शन के अनुरूप स्टेशन का विकास होने के साथ इन सुविधाओं में भी विस्तार किया जा रहा है। स्टेशन के मुख्य प्रवेश क्षेत्र का स्वरूप बदलने की भी तैयारी है। रेलवे सूत्रों के अनुसार, आने वाले समय में स्टेशन को यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाया जाएगा।

नई रेल परियोजना के कारण कुछ ट्रेनें प्रभावित

तोलहुणसे स्टेशन पर चल रहे निर्माण कार्य का असर दावणगेरे-अरसीकेरे रेल परिचालन पर भी पड़ा है। कई ट्रेनों को अस्थायी रूप से रद्द किया गया है, जबकि कुछ ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है। कुछ रेल सेवाएं देरी से भी चल रही हैं। वर्तमान में तोलहुणसे स्टेशन पर सीमित संख्या में ट्रेनों का ठहराव है। बेंगलूरु और हुब्बल्ली की ओर जाने वाली कई ट्रेनों का यहां ठहराव नहीं होने से यात्रियों को परेशानी होती है। स्थानीय लोगों की लंबे समय से मांग है कि स्टेशन पर अधिक से अधिक ट्रेनों को ठहराव दिया जाए।

विश्वविद्यालय और शिक्षण संस्थानों के कारण बढ़ा महत्व

तोलहुणसे रेलवे स्टेशन के ठीक सामने दावणगेरे विश्वविद्यालय स्थित है। इसके अलावा आसपास कई निजी शिक्षण संस्थान भी संचालित हो रहे हैं। शहर का विस्तार रेलवे स्टेशन तक पहुंच चुका है और नए आवासीय क्षेत्र विकसित होने से यहां लोगों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है। ऐसे में विद्यार्थियों, कर्मचारियों और आम यात्रियों की सुविधा के लिए तोलहुणसे स्टेशन पर अधिक ट्रेनों के ठहराव की मांग जोर पकड़ रही है। जंक्शन बनने के बाद इस मांग को पूरा करने की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं।

192 किमी में 40 किमी पटरी तैयार

दावणगेरे-चित्रदुर्ग-तुमकुरु की 192 किलोमीटर लंबी सीधी रेल परियोजना में अब तक 40 किलोमीटर रेल लाइन का निर्माण पूरा हो चुका है। तुमकुरु-ऊरुकेरे-तिम्मराजनहल्ली के बीच 25 किलोमीटर तथा तोलहुणसे-आनगोडु-हेब्बाल के बीच 15 किलोमीटर रेल मार्ग पूरी तरह तैयार बताया गया है। केंद्रीय रेल एवं जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने कुछ माह पहले तोलहुणसे-हेब्बाल के बीच चल रहे रेल पटरी बिछाने के कार्य का निरीक्षण किया था। उनके निर्देशों के बाद इस तैयार हिस्से पर जल्द रेल संचालन शुरू करने की संभावनाओं का परीक्षण किया जा रहा है।

 

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By Bharat Ki Awaz

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