2028 तक पूरा करने का लक्ष्य
नदी की गहराई में 30 मीटर से नीचे तक पहुंचाकर तैयार की जा रही मजबूत नींव
कारवार। दो साल पहले काली नदी पर पुराना पुल ढहने के बाद उसी स्थान पर नए पुल के निर्माण का काम अब गति पकडऩे लगा है। प्रस्तावित 680 मीटर लंबे स्टील आर्च पुल के लिए छह खंभे बनाए जाने हैं। इनमें से तीन खंभों की नींव तैयार करने के लिए मुख्य पाइलिंग का काम फिलहाल प्रगति पर है।
निर्माण कंपनी पोद्दार इन्फ्रास्ट्रक्चर के इंजीनियर के अनुसार, नदी की गहराई में करीब 30 मीटर से अधिक नीचे तक स्टील की सरियों को पहुंचाकर नींव तैयार की जा रही है। इसके बाद पाइलिंग में कंक्रीट भरकर मजबूत आधार बनाया जाएगा।
पुल निर्माण शुरू हुए करीब एक साल होने के बावजूद परियोजना अब मुख्य पाइलिंग चरण में पहुंची है। बारिश के मौसम में भी काम जारी रखा गया। नदी के भीतर खंभों की नींव के लिए बड़े आकार के छेद करने से पहले टेस्ट पाइलिंग भी की गई, ताकि मिट्टी की स्थिति और आवश्यक स्टील-कंक्रीट की मात्रा का आकलन किया जा सके।
18 पाइलिंग का काम जारी
एनएचएआइ के परियोजना निदेशक के. शिवकुमार के अनुसार, प्रत्येक खंभे के लिए कम से कम छह मुख्य पाइलिंग की आवश्यकता होगी। छह खंभों के लिए कुल 36 पाइलिंग की जरूरत होगी। फिलहाल तीन खंभों के लिए 18 पाइलिंग का काम चल रहा है। पूरी पाइलिंग प्रक्रिया पूरी होने में 8 से 10 महीने लग सकते हैं।
उन्होंने बताया कि पुराने पुल की नींव से अलग स्थानों पर नए खंभों के लिए पाइलिंग की जा रही है। पुराने पुल के खंभों को नए निर्माण में आधार नहीं बनाया जा रहा है।
शरावती पर भी नए पुल की तैयारी
एनएचएआइ ने चतुष्पथ (फोर लेन) राष्ट्रीय राजमार्ग पर शरावती नदी के पुराने पुल को हटाकर नया पुल बनाने के लिए 239 करोड़ रुपए की परियोजना का प्रस्ताव केंद्रीय कार्यालय को भेजा है। फिलहाल एक ही पुल पर बढ़ते यातायात दबाव की रिपोर्ट भी भेजी गई है। केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद निर्माण प्रक्रिया शुरू होगी।
काली नदी पर नए पुल का निर्माण मई 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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