बागलकोट के गिरीसागर गांव में जोड़ी बैलों का अनोखा कारनामा
ट्रैक्टर से भी तेज काम करने का दावा
बागलकोट। खेती में बढ़ते मशीनीकरण के दौर में बैलों का इस्तेमाल लगातार कम होता जा रहा है। कभी हर किसान के घर की पहचान मानी जाने वाली जोड़ी बैल अब खेतों में कम ही नजर आती है। लेकिन बागलकोट जिले के बीलगी तालुक के गिरीसागर गांव में दो किसानों की बैल जोड़ी ने अपनी मेहनत से सबका ध्यान खींच लिया।
गिरीसागर के किसान गुंडप्पा नीरुग्गी और जक्कप्पा नवलगन की बैलों की जोड़ी ने महज 10 घंटे में 20 एकड़ जमीन में सफेद ज्वार की बुवाई कर नया रिकॉर्ड बनाने का दावा किया है।
बताया गया कि सामान्य तौर पर एक जोड़ी बैल एक दिन में करीब 4 से 5 एकड़ क्षेत्र में बुवाई करती है। लेकिन इन बैलों ने सुबह 5 बजे से दोपहर 3 बजे तक लगातार 10 घंटे खेत में काम करते हुए 20 एकड़ में बुवाई पूरी कर दी।
खेती में ट्रैक्टरों के बढ़ते इस्तेमाल के कारण बैलों की उपयोगिता लगातार घट रही है। श्रमिकों की कमी के साथ खेत तैयार करने और बुवाई जैसे कामों के लिए किसान मशीनों पर निर्भर हो रहे हैं। ऐसे समय में गिरीसागर की इस बैल जोड़ी के प्रदर्शन ने पारंपरिक खेती के तौर-तरीकों को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
हालांकि, 20 एकड़ में 10 घंटे में बुवाई का यह दावा स्थानीय किसानों द्वारा बताया गया है; इसे आधिकारिक रिकॉर्ड या प्रमाणित विश्व रिकॉर्ड के रूप में प्रस्तुत करने के लिए स्वतंत्र सत्यापन जरूरी होगा।
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