24 आवासीय इकाइयों वाला भवन बना एसआइटी कार्यालय
पुरानी इमारत और किराए के मकानों में रहने को मजबूर पुलिसकर्मी
बेल्तंगडी (दक्षिण कन्नड़)। पुलिसकर्मियों के लिए आवास की कमी के बीच बेल्तंगडी में करीब एक साल पहले बना नया पुलिस आवासीय भवन अब तक पुलिसकर्मियों के काम नहीं आ सका है। उद्घाटन के बाद जिस भवन में पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों को रहने की उम्मीद थी, वह विशेष जांच दल (एसआइटी) का जांच केंद्र बन गया। अब सौजन्या मामले की पुन: जांच के लिए एसआइटी गठित होने से भवन के पुलिसकर्मियों को मिलने में और विलंब की आशंका है।
कई वर्षों की मांग के बाद बने इस तीन मंजिला भवन में 24 आवासीय इकाइयां हैं। दो विंग वाले प्रत्येक आवास में दो शयनकक्ष, हॉल, भोजन कक्ष और रसोई की सुविधा है। तत्कालीन गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने 13 जून 2025 को इसका उद्घाटन किया था।
उद्घाटन के बाद बदली तस्वीर
उद्घाटन के बाद पात्र पुलिसकर्मियों को आवास आवंटित होने की उम्मीद थी। इसी दौरान धर्मस्थल गांव में कथित तौर पर सैकड़ों शव दफन किए जाने के मामले की जांच के लिए एसआइटी गठित हुई और उसका जांच केंद्र बेल्तंगडी स्थानांतरित किया गया। इसके बाद नवनिर्मित पुलिस आवास को ही एसआइटी कार्यालय के रूप में इस्तेमाल किया जाने लगा।
भवन में पूछताछ, दस्तावेजों की जांच और अन्य जांच गतिविधियां हुईं। जांच अधिकारियों और कर्मचारियों के ठहरने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया गया। एसआइटी ने 15 जुलाई 2026 को बेल्तंगडी अदालत में 7,000 से अधिक पृष्ठों की अंतिम रिपोर्ट दाखिल की। इसके बावजूद भवन पूरी तरह खाली नहीं हुआ है। जांच से संबंधित कुछ सामग्री और कर्मचारी अब भी वहां मौजूद हैं।
अब पुन: एसआइटी कार्यालय बनने की आशंका
पुलिसकर्मियों को उम्मीद थी कि अंतिम रिपोर्ट के बाद आवास उन्हें सौंप दिया जाएगा। लेकिन सौजन्या मामले की पुन: जांच के लिए एसआइटी गठित होने के बाद यही भवन फिर जांच केंद्र बन सकता है। ऐसे में पुलिसकर्मियों को अपने नए आवास के लिए कुछ और समय इंतजार करना पड़ सकता है।
पुराना भवन ही सहारा
नया भवन नहीं मिलने से पुलिसकर्मी अब भी पुराने आवासीय भवन पर निर्भर हैं। कुछ पुलिसकर्मी किराए के मकानों में रह रहे हैं। नए भवन के मिलने के बाद किराए का बोझ खत्म होने की उम्मीद थी, लेकिन वह भी फिलहाल पूरी होती नजर नहीं आ रही।
इनका कहना है
एसआइटी को सुरक्षा और पारदर्शिता की दृष्टि से निजी भवन देना कठिन है। इसलिए पुलिस आवास का इस्तेमाल करना पड़ा। जांच पूरी होते ही भवन पुलिसकर्मियों के रहने के लिए सौंप दिया जाएगा।
–अरुण कुमार, जिला पुलिस अधीक्षक, दक्षिण कन्नड़

