उडुपी-मलपे से मेंगलूरु तक बीच गुलजार
जेट स्की और बनाना बोटिंग शुरू
नवरात्रि में और बढ़ेगी भीड़
उडुपी। स्कूलों में मध्यावधि परीक्षाएं खत्म होते ही कर्नाटक के तटीय इलाकों में पर्यटन का रंग चढऩे लगा है। बच्चों की दशहरा छुट्टियां शुरू होते ही उडुपी, मलपे, मेंगलूरु और दक्षिण कन्नड़-उडुपी के प्रमुख समुद्र तटों पर सैलानियों की संख्या बढ़ गई है। सप्ताहांत में बीच पर भीड़ के कारण उत्सव जैसा माहौल नजर आ रहा है।
मेंगलूरु के तन्नीरबावी, पनंबूर और सुरतकल से लेकर उडुपी के पडुबिद्री, मलपे और त्रासी तक समुद्र तटों पर पर्यटकों की आवाजाही बढ़ी है। मानसून के दौरान समुद्र में उतरने से रोकने के लिए लगाए गए अवरोध हटाए जाने के बाद कई जगह पर्यटक समुद्र में उतरकर आनंद ले रहे हैं।
मलपे में वॉटर स्पोर्ट्स का रोमांच
मलपे बीच पर जेट स्की, बनाना बोटिंग और बोट से पैरासेलिंग जैसी गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं। त्रासी में भी वॉटर स्पोर्ट्स दोबारा शुरू करने की मांग उठ रही है।
कुंदापुर के कोडी बीच, त्रासी, मरवंते और बयंदूर के सोमेश्वर बीच के साथ कापु और पडुबिद्री में भी पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। मलपे और कोडी बीच के सी-वॉक पर भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। बढ़ती भीड़ के साथ आसपास पेय पदार्थ, आइसक्रीम और फैंसी सामान की दुकानों का कारोबार भी तेज हुआ है।
सेंट मैरी आइलैंड के लिए बोट सेवा शुरू
मानसून के दौरान लगाए गए प्रतिबंध हटने के बाद उडुपी के प्रसिद्ध सेंट मैरी आइलैंड के लिए बोट सेवा फिर शुरू हो गई है। केम्मन्नु, कोडी और सालिग्राम में कयाकिंग तथा पर्यटक नौका सेवाएं भी शुरू हुई हैं।
कापु के प्रसिद्ध लाइटहाउस और समुद्र तट को देखने के लिए कर्नाटक के विभिन्न जिलों के अलावा दूसरे राज्यों से भी पर्यटक पहुंच रहे हैं। खासकर शाम के समय कापु लाइटहाउस और बीच के आसपास अच्छी-खासी भीड़ देखी जा रही है।
पर्यटन के आंकड़े भी बढ़ा रहे उम्मीद
दक्षिण कन्नड़ और उडुपी जिलों में पिछले कुछ वर्षों में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ी है। 2025 में दक्षिण कन्नड़ जिले में 6,53,39,542 घरेलू और 6,115 विदेशी पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया।
2024 में दक्षिण कन्नड़ में करीब 5.07 करोड़ और उडुपी में 5.78 करोड़ पर्यटकों के आने का आंकड़ा दर्ज किया गया था। 2023 में यह संख्या क्रमश: 3.28 करोड़ और 4.74 करोड़ थी।
बीच के साथ मंदिरों में भी बढ़ेगी भीड़
तटीय पर्यटन का बड़ा हिस्सा धार्मिक पर्यटन भी है। फिलहाल पितृपक्ष के कारण प्रमुख धार्मिक स्थलों पर अपेक्षाकृत कम भीड़ है, लेकिन नवरात्रि शुरू होने के साथ मंदिरों में भक्तों की संख्या तेजी से बढऩे की उम्मीद है।
कुक्के सुब्रह्मण्य मंदिर में पिछले वर्ष 1,60,12,150 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे, जिनमें 210 विदेशी थे। धर्मस्थल में 1,17,39,480 श्रद्धालु पहुंचे, जिनमें 1,083 विदेशी शामिल थे। कटीलु, कोल्लूरु, बप्पनाडु और कोड्याड्क समेत अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का आंकड़ा सामने आया है।
भीड़ के साथ सुरक्षा-सफाई की चुनौती
पर्यटकों की बढ़ती संख्या के बीच स्थानीय लोगों ने समुद्र तटों पर सफाई और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत बताई है। प्लास्टिक बोतल और अन्य कचरा खुले में न फेंकने तथा समुद्र तटों पर आवारा श्वानों से सावधान रहने की अपील की गई है।
योजनाओं को तेजी से लागू करने की मांग
तटीय क्षेत्र को समग्र पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की जरूरत है। इसके लिए 500 करोड़ रुपए के समर्थन वाली समग्र तटीय-मलेनाडु कर्नाटक पर्यटन नीति-2026 के तहत योजनाओं को तेजी से लागू करने की मांग की है।
–बी. उदय कुमार शेट्टी, सदस्य, पर्यटन विकास समिति
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