पशु परीक्षण के नियमों में ढील पर जताई चिंताश्रमण डॉ. पुष्पेन्द्र।

श्रमण डॉ. पुष्पेन्द्र ने केंद्र सरकार से की प्रस्ताव वापस लेने की मांग

हुब्बल्ली। पशुओं पर वैज्ञानिक प्रयोगों से जुड़े नियमों में बदलाव के प्रस्ताव पर श्रमण डॉ. पुष्पेन्द्र ने चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से पुनर्विचार की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकारी अनुमति की अनिवार्यता सीमित करने और प्रयोगों से होने वाली पीड़ा का आकलन संबंधित संस्थान की विशेषज्ञ समिति को सौंपने से पशु संरक्षण प्रभावित हो सकता है।

उन्होंने आवारा श्वानों, बिल्लियों और वन्यजीवों पर प्रयोग की आशंका जताते हुए कहा कि इससे बेजुबान जीवों के शोषण का खतरा बढ़ सकता है। उनके अनुसार, आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों के दौर में पशुओं पर प्रयोग आसान बनाने के बजाय पशु-विहीन परीक्षण विधियों को बढ़ावा देना चाहिए।

डॉ. पुष्पेन्द्र ने पशुप्रेमियों, संत समाज और अहिंसा में विश्वास रखने वाले नागरिकों से 5 नवंबर से पहले केंद्र सरकार के समक्ष प्रस्ताव पर आपत्तियां और सुझाव दर्ज कराने की अपील की।

 

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By Bharat Ki Awaz

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