बेलगावी में बस अड्डे पर किसानों का प्रदर्शन, पांच चीनी लदे ट्रकों के टायरों की हवा निकाली
हुब्बल्ली में दुकानें बंद, धारवाड़ के चार राष्ट्रीय राजमार्गों पर निषेधाज्ञा
हुब्बल्ली। गन्ने का प्रति टन मूल्य 5,500 रुपए निर्धारित करने और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) घोषित करने की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन शनिवार को राज्यव्यापी बंद तक पहुंच गया। बेलगावी, धारवाड़, बागलकोट, विजयपुर, विजयनगर और अन्य जिलों में किसानों ने सडक़ें जाम कर प्रदर्शन किया। कई स्थानों पर दुकानें बंद कराई गईं और वाहनों की आवाजाही रोकी गई। प्रशासन की निषेधाज्ञा के बावजूद किसान सडक़ों पर उतरे। आंदोलन से सार्वजनिक परिवहन और आम जनजीवन प्रभावित हुआ।

बेलगावी में बस अड्डे पर प्रदर्शन
बेलगावी के केंद्रीय बस अड्डे पर किसानों ने सडक़ पर लेटकर बसों की आवाजाही रोकने का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें हटाने की कोशिश की तो दोनों पक्षों के बीच बहस और धक्का-मुक्की हुई। बाद में पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। मूडलगि, गुरलापुर, बैलहोंगल, मुनवल्ली और चिक्कोडी में भी प्रदर्शन हुए।

चिक्कोडी के रायबाग तालुक स्थित खटकभावी क्रॉस पर किसानों ने निराणी चीनी कारखाने से चीनी लेकर जा रहे पांच ट्रकों को रोककर टायरों की हवा निकाल दी। किसानों की मांग है कि चीनी का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय होने तक उसकी बिक्री और परिवहन रोका जाए।
हुब्बल्ली में दुकानें बंद कराईं
हुब्बल्ली में जंगलीपेट की बसवेश्वर सेवा समिति किसान संगठन के सदस्यों ने पुरानी हुब्बल्ली, चन्नपेट, गवली गली, हिरेपेट, दुर्गद बैल और इंडीपंप सर्कल में प्रदर्शन किया। किसानों ने व्यापारियों से दुकानें बंद रखकर आंदोलन का समर्थन करने की अपील की। कई प्रतिष्ठान बंद कराए गए। कुछ स्थानों पर धरना देकर यातायात रोका गया। राष्ट्रीय राजमार्ग पर अदरगुंची क्रॉस और गब्बूर क्रॉस के पास निषेधाज्ञा लागू होने के कारण किसानों ने शहर के भीतर प्रदर्शन किया।

बागलकोट में सुबह से बंद
रबकवी-बनहट्टी में सुबह चार बजे से बंद का असर दिखा। किसानों ने जमखंडी-कुडची राज्य राजमार्ग पर ट्रैक्टर खड़े कर रास्ता जाम किया। किसानों के अनुसार, चीनी कारखानों से 4,500 रुपए और राज्य सरकार से 1,000 रुपए प्रोत्साहन राशि मिलाकर गन्ने का कुल मूल्य 5,500 रुपए प्रति टन होना चाहिए। इसके अलावा वजन में गड़बड़ी, मिट्टी और खरपतवार के नाम पर कटौती रोकने तथा एमएस स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने की मांग भी की गई।
धारवाड़ के चार राष्ट्रीय राजमार्गों पर निषेधाज्ञा
संभावित सडक़ जाम को देखते हुए धारवाड़ जिला प्रशासन ने जिले से गुजरने वाले चार राष्ट्रीय राजमार्गों और उनके आसपास पांच किलोमीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू की। जिलाधिकारी स्नेहल आर. ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत आदेश जारी किया। प्रतिबंध पुणे-बेंगलूरु, हुब्बल्ली-अंकोला, नवलगुंद-सोलापुर और हुब्बल्ली-बल्लारी राष्ट्रीय राजमार्गों पर लागू रहा। सडक़ जाम, वाहनों की आवाजाही बाधित करने और टोल प्लाजा के कामकाज में रुकावट डालने पर रोक लगाई गई।
इसके बावजूद धारवाड़ के जुबली सर्कल पर किसानों ने मानव शृंखला बनाकर प्रदर्शन किया। यरिकोप्पा के पास किसान एकत्र हुए और धारवाड़-दांडेेली राज्य राजमार्ग-28 पर भी रास्ता रोका गया। निगदी गांव में किसानों के प्रदर्शन से वाहन चालकों को परेशानी हुई।
विजयनगर और कलबुर्गी में भी आंदोलन
विजयनगर जिले के होविनहडगली तालुक के होललू गांव में किसानों ने मैलार-तोरनगल्लु राज्य राजमार्ग जाम किया। व्यापारियों ने दुकानें बंद रखकर आंदोलन का समर्थन किया। किसानों ने कम बारिश, भूजल स्तर में गिरावट और गन्ने की पैदावार घटने को अपनी परेशानी का कारण बताया।
कलबुर्गी जिले के अफजलपुर में राज्य गन्ना उत्पादक संघ के पदाधिकारियों ने रेणुका चीनी कारखाने के प्रबंध निदेशक को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने उचित मूल्य तय होने के बाद ही गन्ने की पेराई शुरू करने और अंतिम भाव घोषित होने तक कारखाने में उपलब्ध चीनी की बिक्री रोकने की मांग की।
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