दिन में हुंकार, रात में भजन, टोल नाकों पर किसानों का डेराधारवाड़ के यरीकोप्पा बाइपास पर मंगलवार से शुरू हुआ सडक़ अवरोध बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहा।

गन्ने के दाम पर आर-पार की लड़ाई, बेलगावी के तीन टोल नाकों पर रातभर प्रदर्शन

यरीकोप्पा बाइपास दूसरे दिन भी बंद, कोप्पल में दो किसान महिलाओं के आत्महत्या प्रयास से तनाव

हुब्बल्ली। गन्ने का उचित मूल्य तय करने की मांग को लेकर कर्नाटक में किसानों का आंदोलन उग्र होता जा रहा है। दिन में सरकार के खिलाफ नारेबाजी और रात में गीत-भजनों के बीच किसान टोल नाकों और राजमार्गों पर डटे हैं।

बेलगावी जिले के तीन टोल नाकों पर किसानों ने रातभर धरना दिया, जबकि धारवाड़ के यरीकोप्पा बाइपास पर दूसरे दिन भी सडक़ अवरोध जारी रहा। उधर, कोप्पल में गन्ने का मूल्य 5,500 रुपए प्रति टन तय करने और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने की मांग के बीच दो किसान महिलाओं ने आत्महत्या का प्रयास किया। पुलिस ने समय रहते हस्तक्षेप कर दोनों को रोक लिया। लगातार सडक़ अवरोधों से यातायात प्रभावित है और सरकार पर समाधान निकालने का दबाव बढ़ रहा है।

दिन में हुंकार, रात में भजन, टोल नाकों पर किसानों का डेरा
बेलगावी में टोल नाकों पर रात में गीत, भजन प्रस्तुत करते किसान।

तीन टोल नाकों पर रातभर डटे किसान

बेलगावी जिले के हिरेबागेवाड़ी, हत्तरगी और निप्पाणी के निकट कोगनोली टोल नाकों पर किसानों ने आंदोलन तेज कर दिया है। दिनभर सरकार के खिलाफ नारेबाजी के बाद भी प्रदर्शनकारी धरनास्थल से नहीं हटे। रात में गीत, भजन और एकल अभिनय के कार्यक्रमों के जरिए आंदोलन जारी रखा गया। किसानों ने इन प्रस्तुतियों में भाग लेकर अपने विरोध को जनांदोलन का रूप देने की कोशिश की। उनका कहना है कि गन्ने का उचित मूल्य तय होने और मांगों पर ठोस निर्णय आने तक आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा।

कोप्पल में दो महिलाओं के आत्महत्या प्रयास से हडक़ंप

कोप्पल में राज्य किसान संघ और हरित सेना के नेतृत्व में मंगलवार को हिटनाल टोल गेट के पास राजमार्ग जाम कर प्रदर्शन किया गया। किसानों की मांग थी कि गन्ने का मूल्य 5,500 रुपए प्रति टन तय किया जाए और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू हों। इसी दौरान कमलापुर गांव की लक्ष्मी और रत्नम्मा ने पेड़ पर फंदा लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप कर दोनों को रोक लिया। प्रदर्शन के बीच एक अन्य महिला के बेहोश होने पर उसे पुलिस वाहन से अस्पताल पहुंचाया गया।

दिन में हुंकार, रात में भजन, टोल नाकों पर किसानों का डेरा

पेड़ पर फंदा लगाकर आत्महत्या का प्रयास करतीं कमलापुर गांव की महिला को बचाते हुए पुलिस कर्मी।

प्रदर्शनकारियों ने कानों में फूल लगाकर विरोध जताया, जबकि कुछ किसान महिलाओं ने सिर पर पत्थर उठाकर अपनी नाराजगी प्रदर्शित की। किसान नेताओं ने जिला प्रशासन को मांगों का ज्ञापन सौंपा। घटनाक्रम के बीच तनाव बढ़ गया और राजमार्ग पर सैकड़ों वाहन फंस गए।

दिंगालेश्वर स्वामी के समर्थन से यरीकोप्पा में बढ़ी भीड़

धारवाड़ के यरीकोप्पा बाइपास पर मंगलवार से शुरू हुआ सडक़ अवरोध बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। किसानों ने रात धरनास्थल पर बिताई और वहीं भोजन बनाया। फकीर दिंगालेश्वर स्वामी ने किसानों के आंदोलन को समर्थन देते हुए न्याय मिलने तक चीनी का सेवन नहीं करने की प्रतिज्ञा की है। उन्होंने आंदोलन में शामिल होने की घोषणा भी की। उनके समर्थन के बाद धरनास्थल पर किसानों की संख्या बढ़ी। बाइपास बंद रहने से हुब्बल्ली से बेलगावी और आगे बेंगलूरु की ओर जाने वाले वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। यात्रियों और मालवाहक वाहनों के चालकों को परेशानी झेलनी पड़ी।

बैठक बेनतीजा, ठोस फैसले का इंतजार

12 अक्टूबर को दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों और किसान प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक के बाद भी तत्काल समाधान नहीं निकलने से किसानों की नाराजगी बनी हुई है। केंद्र सरकार ने समस्याओं पर विचार करने के लिए संयुक्त समिति बनाने का प्रस्ताव दिया है, लेकिन किसान केवल चर्चा नहीं, बल्कि गन्ने के मूल्य पर स्पष्ट निर्णय चाहते हैं।

कर्नाटक के विभिन्न जिलों में बढ़ते विरोध ने सरकार के सामने चुनौती खड़ी कर दी है। किसानों को उचित मूल्य दिलाने के साथ ही राजमार्गों पर सामान्य यातायात बहाल कराना भी जरूरी है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार गन्ना मूल्य विवाद सुलझाने के लिए कब ठोस कदम उठाती है।

 

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By Bharat Ki Awaz

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