गन्ना किसानों के समर्थन में दिंगालेश्वर स्वामी की प्रतिज्ञा, सरकार पर उठाए सवाल
अन्नदाता को हक के लिए रात सडक़ पर गुजारनी पड़े, यह शर्मनाक
यरीकोप्पा-हत्तरगी में धरने पर बैठेंगे, संतों-साहित्यकारों से आंदोलन में उतरने की अपील
हुब्बल्ली। गन्ना किसान उचित मूल्य के लिए सडक़ों पर हैं, आंदोलन तेज हो रहा है और अब संत समाज भी उनके समर्थन में उतरने की तैयारी में है। फकीर दिंगालेश्वर स्वामी ने किसानों को न्याय मिलने तक चीनी का सेवन नहीं करने की प्रतिज्ञा लेकर सरकार और समाज, दोनों का ध्यान कृषि संकट की ओर खींचा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पेट्रोल की कीमतें बढ़ाने में सरकारें देर नहीं करतीं, तो खाद, बिजली, पानी और कृषि मजदूरी की लागत बढऩे के बावजूद किसानों की उपज का लाभकारी मूल्य तय करने में देरी क्यों होती है।
हुब्बल्ली में पत्रकारों से बातचीत में स्वामी ने कहा कि खेतों में दिन-रात मेहनत करने वाले अन्नदाता को अपनी फसल का उचित मूल्य मांगने के लिए पत्नी, बच्चों और मवेशियों को घर पर छोडक़र रात सडक़ पर गुजारनी पड़ रही है। यह स्थिति सभ्य समाज के लिए शर्मनाक है। किसानों की मेहनत का उचित प्रतिफल सुनिश्चित करना सरकारों की जिम्मेदारी है, लेकिन उन्हें अपने हक के लिए लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है।
लागत बढ़ रही, किसानों को लाभकारी मूल्य दे सरकार
स्वामी ने केंद्र सरकार से डॉ. एम.एस. स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने और कृषि उत्पादन लागत के अनुरूप किसानों को लाभकारी मूल्य देने की मांग की। कर्नाटक में गन्ना उत्पादक उचित मूल्य, चीनी के न्यूनतम बिक्री मूल्य में संशोधन और आयोग की सिफारिशों के क्रियान्वयन की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। 13 अक्टूबर को धारवाड़ के यरीकोप्पा क्रॉस सहित उत्तर कर्नाटक के कई स्थानों पर किसानों ने राजमार्गों पर प्रदर्शन किया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।
यरीकोप्पा-हत्तरगी में किसानों के बीच पहुंचेंगे
दिंगालेश्वर स्वामी ने कहा कि वे धारवाड़ के यरीकोप्पा और बेलगावी जिले के हत्तरगी स्थित आंदोलन स्थलों पर पहुंचकर किसानों के साथ धरने में शामिल होंगे। उन्होंने राज्य के मठाधीशों, साहित्यकारों, कलाकारों, फिल्म अभिनेताओं और मीडिया प्रतिनिधियों से भी किसानों के संघर्ष का समर्थन करने की अपील की।
स्वामी ने किसानों से आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठाने और एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि देश के अन्नदाता को सम्मान के साथ उसकी मेहनत का उचित प्रतिफल मिलना चाहिए।
Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?
अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें
हर खबर सबसे पहले
Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

