बलडोटा के खिलाफ आंदोलन का समर्थन
अंजनाद्रि पहाड़ी के विकास की नई योजना बनेगी
कोप्पल। मंत्री शिवराज तंगडगी ने कहा कि बलडोटा कारखाने के खिलाफ आंदोलन का समर्थन है, लेकिन इसके बहाने गविमठ के गविसिद्धेश्वर स्वामी पर टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह जिले के लोगों का अपमान है।
रविवार को पत्रकारों से बातचीत में तंगडगी ने कहा कि बलडोटा मामले में सरकार कानून के अनुसार कार्रवाई करेगी। कुछ कानूनी अड़चनों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया है।
अंजनाद्रि पहाड़ी के विकास पर उन्होंने कहा कि विद्यादास बाबा का अधिकार केवल पूजा तक सीमित है। इस संबंध में बैठक कर पहाड़ी के विकास की नई योजना बनाई जाएगी। कोप्पल विश्वविद्यालय के लिए 50 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है, जबकि लोककला केंद्र के लिए नई जगह तलाश की जा रही है।
मंत्री ने कहा कि तुंगभद्रा जलाशय से कर्नाटक के हिस्से में 14 टीएमसी पानी उपलब्ध है और 20 नवंबर तक नहरों में पानी छोड़ा जाएगा। इसके बाद पानी के लिए आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से आग्रह किया गया है।
दूध की कीमत में वृद्धि को उन्होंने किसानों के हित में जरूरी बताया। साथ ही कहा कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 71 विभूतियों को राज्योत्सव पुरस्कार देने की घोषणा की गई है।
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