पिछले साल नुकसान के बावजूद नहीं छोड़ी प्याज की खेती, इस बार 2,500 क्विंटल उपज बाजार में बेची
हुब्बल्ली। प्रदेश में मानसून की बेरुखी और बारिश की कमी से किसान परेशान हैं। रबी यानी खरीफ के बाद के हंगामे की शुरुआत के बीच भी बारिश की कमी का डर किसानों को सता रहा है। ऐसे मुश्किल हालात में धारवाड़ जिले के एक किसान परिवार ने प्याज की खेती से शानदार कमाई कर मिसाल पेश की है।
नवलगुंद तालुक के सोटकनाल गांव में इन दिनों खेतों से लेकर गोदामों तक प्याज की बहार दिखाई दे रही है। कहीं लालिमा लिए प्याज की गांठें धूप में सुखाई जा रही हैं तो कहीं मजदूर अच्छी गुणवत्ता वाले प्याज को अलग कर बोरियों में भरने में जुटे हैं। गांव के रूगी परिवार ने इस साल करीब 40 एकड़ में प्याज की खेती की थी। अच्छी पैदावार और बाजार में बेहतर भाव मिलने से परिवार को बड़ी आर्थिक सफलता मिली है।
परिवार अब तक करीब 2,500 क्विंटल प्याज बाजार में बेच चुका है। इससे लगभग एक करोड़ रुपए की आय हुई है। खेतों में अभी भी काफी फसल बची हुई है। ऐसे में परिवार को आने वाले दिनों में और अधिक आमदनी की उम्मीद है।
पिछले साल घाटा, फिर भी नहीं मानी हार
रूगी परिवार ने पिछले साल भी करीब 40 एकड़ में प्याज की खेती की थी। लेकिन उस समय उचित बाजार भाव नहीं मिलने और अत्यधिक बारिश से फसल को नुकसान पहुंचा था। इसके बावजूद परिवार ने हिम्मत नहीं हारी और इस बार फिर उसी रकबे में प्याज की खेती करने का फैसला किया। इस बार अच्छी पैदावार के साथ बाजार में बेहतर कीमत मिलने से परिवार की मेहनत रंग लाई।
प्याज बनी परिवार की खेती का आधार
सोटकनाल गांव में कई वर्षों से किसान प्याज की खेती करते आ रहे हैं। रूगी परिवार के लिए भी प्याज प्रमुख नकदी फसल है। इसके अलावा परिवार गेहूं और मूंग जैसी फसलें भी उगाता है, लेकिन हर साल कृषि आय का बड़ा सहारा प्याज ही बनता है।
प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की कमी से किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। ऐसे में सोटकनाल के रूगी परिवार की सफलता ने क्षेत्र के किसानों का ध्यान खींचा है। पिछले साल के नुकसान से सबक लेकर दोबारा मेहनत करने वाले इस परिवार को इस बार अच्छी उपज और बेहतर बाजार भाव का लाभ मिला है।
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