दक्षिण के पांच राज्यों को अतिरिक्त ‘भारत चावल’प्रल्हाद जोशी।

भंडारण पर लगेगी सीमा

चावल की बिक्री का लक्ष्य दोगुना कर 50 लाख टन किया

31 जनवरी 2027 तक भंडारण सीमा लागू करने की अनुमति

हुब्बल्ली। केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि चावल की कीमतों पर नियंत्रण और बाजार में पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने कर्नाटक सहित दक्षिण भारत के पांच राज्यों को अतिरिक्त ‘भारत चावल’ आवंटित किया है। साथ ही, राज्यों को 31 जनवरी 2027 तक चावल और धान पर भंडारण सीमा लगाने की अनुमति दी गई है।

जोशी ने कहा कि आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना को आवश्यकता के अनुसार भंडारण सीमा लागू करने की अनुमति मिली है। केंद्र ने नेफेड, एनसीसीएफ और केंद्रीय भंडार को अतिरिक्त भारत चावल आवंटित कर इसकी वितरण व्यवस्था बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं।

बिक्री का लक्ष्य दोगुना

वर्ष 2026-27 के लिए खुला बाजार बिक्री योजना के तहत चावल बिक्री का लक्ष्य 25 लाख टन से बढ़ाकर 50 लाख टन कर दिया गया है। 31 अक्टूबर 2026 तक ई-नीलामी के माध्यम से 25 लाख टन चावल बेचा जा चुका है। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह मात्रा 11 लाख टन थी।

हर शुक्रवार देना होगा भंडारण का ब्योरा

केंद्र ने 6 नवंबर को जारी आदेश में व्यापारियों, थोक एवं खुदरा विक्रेताओं, बड़ी खुदरा शृंखलाओं और चावल मिलों के लिए भंडारण का ब्योरा देना अनिवार्य किया है। उन्हें हर शुक्रवार खाद्य भंडार पोर्टल पर चावल और धान के भंडार की जानकारी अद्यतन करनी होगी। बासमती, गैर-बासमती प्रीमियम, सामान्य चावल, उसना चावल, टूटे चावल और धान का अलग-अलग विवरण देना होगा।

नियमों का पालन नहीं करने या निर्धारित सीमा से अधिक भंडारण करने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 6 और 7 के तहत कार्रवाई की जाएगी। केंद्र का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य जमाखोरी और कालाबाजारी रोकना, कीमतों में स्थिरता बनाए रखना तथा उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है।

 

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By Bharat Ki Awaz

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