चाकू से वार कर दोस्त की बर्बर हत्याहुब्बल्ली के किम्स अस्पताल में भर्ती पुलिस कर्मी और आरोपी।

पुलिस ने आरोपियों पर चलाई  गोली
हुब्बल्ली. पुरानी रंजिश और वित्तीय मामलों से जुड़े एक मामले में शुक्रवार की रात शहर के गोपनकोप्पा में महानवमी त्योहार के दिन एक युवक की उसके दोस्तों ने चाकू से वार कर बर्बर हत्या कर दी।
मारे गए युवक की पहचान गोपनकोप्पा निवासी शिवराज (22) के तौर पर की गई है। गुरुवार को गोपनकोप्पा में करियम्मा मंदिर के जात्रा (मेला) महोत्सव के दौरान मामूली बात पर उसका शिवराज और संदीप नाम के युवकों से झगड़ा हो गया था। लड़ाई हाथापाई तक पहुंच गई थी तभी वहां मौजूद कुछ लोगों ने दोनों को रोककर समझाइशी कर भेज दिया था परन्तु शुक्रवार की रात अचानक उसकी चाकू मार कर हत्या कर दी गई।
शिवराज के घर में त्योहार के लिए भेड़ काटकर खाना बनाया गया था। शुक्रवार दोपहर तक उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर भगवान को प्रसाद चढ़ाया और अपने दोस्तों को खाना खिलाकर भेजा था। वह रात 10 बजे खाना खाकर बाहर जाकर आने की बात कहकर घर से निकला था और चंद मिनट बाद ही उसकी हत्या कर दी गई।
शिवराज के दोस्तों ने कहा कि पुरानी दुश्मनी के चलते इसकी हत्या की गई है। गुरुवार को झगड़े करने वाले संदीप ने शिवराज को कल देखलूंगा कहकर धमकी दी थी। उसने ही चाकू मारकर हत्या की है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस आयपक्त एन शशिकुमार ने किम्स के शवगृह का दौरा किया। अशोक नगर थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया है।

हत्या के आरोपियों पर चलाई गोली

धारदार हथियारों से वार कर शिवराज की बेरहमी से हत्या करने के आरोप में सुदीप और किरण को गिरफ्तार कर लिया गया था। दोनों ने अन्य आरोपियों के बारे में जानकारी देने की कहने पर पुरानी हुब्बल्ली रेलवे क्वार्टर के पास ले जाया गया था। इसी दौरान पुलिस पर हमला कर भागने की कोशिश की। भागने की कोशिश कर रहे दो आरोपियों के पैर में गोली दागी गई। इस घटना में घायल छह पुलिसकर्मियों और आरोपियों को किम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *