होली के उपलक्ष्य में मूरुसाविर मठ परिसर से निकलेगी विशाल शोभायात्रा
केंद्रीय मंत्री जोशी करेंगे उद्घाटन
हुब्बल्ली. विधायक महेश टेंगिनकाई ने कहा कि शहर में होली पर्व के अवसर पर 5 मार्च गुरुवार को ऐतिहासिक मूरुसाविर मठ परिसर में दोपहर 3 बजे भव्य ‘जग्गलगी’ महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।
शहर में पत्रकारों को जानकारी देते हुए टेंगिनकाई ने कहा कि पिछले 14 वर्षों से इस महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य होली को प्रोत्साहित करना और हिंदू समाज को संगठित करना है।
उन्होंने कहा कि यह आयोजन पारंपरिक चर्मवाद्य वादकों के लिए एक सशक्त मंच सिद्ध हुआ है और उत्तर कर्नाटक की लोककलाओं के पुनरुत्थान का प्रयास है। महोत्सव का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी करेंगे। कार्यक्रम में मठ के जगद्गुरु डॉ. गुरुसिद्ध राजयोगींद्र स्वामी सहित 30 से अधिक मठ प्रमुख और विभिन्न दलों के जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।
टेंगिनकाई ने कहा कि इस वर्ष हुब्बल्ली, धारवाड़ सहित विभिन्न जिलों और राज्यों से लगभग 400 ‘जग्गलगी’ कलाकार भाग लेंगे। महाराष्ट्र के इचलकरंजी से 50 सदस्यीय ढोल-ताशा दल, हुब्बल्ली के स्थानीय वाद्य दलों के 40 कलाकार तथा उडुपी के काडु-बेट्टा क्षेत्र से हुली कुणिता (बाघ नृत्य), हनुमान, नंदी, नागा साधु और परमेश्वर नरसिंह वेशभूषा में कलाकार भी शामिल होंगे। कुल मिलाकर एक हजार से अधिक कलाकार उत्सव की शोभा बढ़ाएंगे।
मठ से प्रारंभ होने वाली शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होकर पुन: मठ परिसर लौटेगी।
उल्लेखनीय है कि ‘जग्गलगी’ एक विशाल पारंपरिक चर्मवाद्य है, जिसकी ऊंचाई लगभग एक व्यक्ति के बराबर होती है और इसे भूमि पर लुढक़ाते हुए विशिष्ट लय में बजाया जाता है। ग्राम देवताओं की आराधना से जुड़े इस वाद्य का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व है। यह महोत्सव उत्तर कर्नाटक की लोक परंपराओं के संरक्षण का प्रतीक बन गया है।

