अत्यधिक गर्मी, कम पानी और मधुमेह-बीपी प्रमुख कारण
समय पर जांच जरूरी
बेलगावी. मणिपाल अस्पताल, बेंगलूरु के नेफ्रोलॉजी एवं किडनी प्रत्यारोपण विभाग के प्रमुख डॉ. विश्वनाथ एस. ने कहा कि अत्यधिक गर्म जलवायु वाले क्षेत्रों में किडनी रोग के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है और बेलगावी सहित उत्तर कर्नाटक के कई जिले इस श्रेणी में आते हैं।
वे मणिपाल अस्पताल और रोटरी क्लब ऑफ बेलगावी साउथ के संयुक्त तत्वावधान में तिलकवाड़ी स्थित रानी पार्वती देवी कॉलेज में आयोजित ‘मणिपाल कम्युनिटी केयर’ कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे।
डॉ. विश्वनाथ ने कहा कि लगातार धूप में काम करना या रहना, पर्याप्त पानी न पीना और इसके साथ मधुमेह या उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियां होने पर किडनी को तेजी से नुकसान पहुंचता है। भौगोलिक कारणों के साथ यदि बीपी और डायबिटीज जुड़ जाएं तो स्थिति गंभीर हो सकती है और रोगी दीर्घकालीन किडनी फेल्योर की ओर बढ़ सकता है। ऐसी अवस्था में जीवनभर डायलिसिस या किडनी प्रत्यारोपण की आवश्यकता पड़ सकती है। इसके चलते समय पर जांच और उपचार अत्यंत आवश्यक है।
सरकारी रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि बेलगावी जिले में 60 हजार से अधिक उच्च रक्तचाप, 50 हजार से अधिक मधुमेह और 3 हजार से ज्यादा क्रॉनिक किडनी डिजीज के मामले दर्ज हैं, जो चिंता का विषय है।
अस्पताल के यूरो-ऑन्कोलॉजी, रोबोटिक सर्जरी और किडनी प्रत्यारोपण विशेषज्ञ डॉ. आनंद पाटील ने कहा कि धूम्रपान और तंबाकू सेवन किडनी क्षति को तेज करते हैं। बढ़ता मोटापा भी एक बड़ा जोखिम कारक है। उन्होंने तंबाकू त्यागने, वजन नियंत्रित रखने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी।
कार्यक्रम में रोटरी क्लब के पदाधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

