दो वर्ष बाद भी 23 गांवों को नहीं मिला गंगावली नदी का पानी
विभागों के बीच अनुमति विवाद बना बाधा
अंकोला (उत्तर कन्नड़). तालुक के होन्नल्ली गांव स्थित गंगावली नदी से प्रस्तावित 34 करोड़ रुपए की वासर-कुद्रिगे बहुग्राम पेयजल योजना निर्धारित समय सीमा में पूरी नहीं हो सकी है। 11 माह में पूर्ण होने वाली यह परियोजना दो वर्ष बाद भी अधूरी है, जिससे 23 गांवों के ग्रामीणों को अब तक पेयजल उपलब्ध नहीं हो पाया।
44 किमी लंबी पाइपलाइन के माध्यम से वासर-कुद्रिगे, बेलसे, शेटगेरी, वंदिगे, बेलंबार और होन्नेबाइल ग्राम पंचायत क्षेत्रों में स्थायी पेयजल आपूर्ति इसका उद्देश्य है। होन्नल्ली में जैकवेल निर्माण अंतिम चरण में है, परन्तु शिरगुंजी में प्रस्तावित शुद्धिकरण संयंत्र के लिए अब तक उपयुक्त भूमि तय नहीं हो सकी है।
परियोजना में देरी का कारण वन विभाग, रेलवे और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से अनुमति में विलंब बताया जा रहा है। ग्रामीण पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारियों के अनुसार, वन भूमि से संबंधित अनुमति में न्यूनतम तीन माह लगते हैं और कई बार आवेदन निरस्त भी हो जाते हैं।
मास्तिकट्टा के क्षेत्रीय वन अधिकारी लोकेश पाटणकर का कहना है कि विभागीय नियमों का पालन किए बिना अन्य स्थानों पर कार्य शुरू किया जाता है, जिससे आपत्ति दर्ज करनी पड़ती है।
शेटगेरी ग्राम पंचायत के पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मीधर नायक ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत हजारों नल कनेक्शन वर्षों पूर्व दिए जा चुके हैं, परंतु पानी न मिलने से नल जंग खा रहे हैं।
उपविभागीय एईई अमिता तळेकर ने आश्वासन दिया कि वन विभाग से अनुमति मिलते ही तीन माह में कार्य पूर्ण कर पेयजल आपूर्ति शुरू की जाएगी।

