‘खेत से न्याय की सीमा तक’ नारे के साथ सडक़ जाम
सरकार के खिलाफ जताया रोष
दावणगेरे. विभिन्न मांगों को लेकर अखिल कर्नाटक सरकारी लाइसेंसधारी भू-मापक संघ के बैनर तले मंगलवार को शहर में विशाल विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। “खेत से न्याय की सीमा तक” के नारे के साथ निकाले गए इस आंदोलन में राज्यभर से पहुंचे चार हजार से अधिक भू-मापकों ने भाग लेकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई।
प्रदर्शनकारी हाईस्कूल मैदान में एकत्रित हुए और वहां से शहर की प्रमुख सडक़ों से होते हुए जयदेव सर्कल तक विशाल रैली निकाली। इस दौरान जयदेव सर्कल पर मानव श्रृंखला बनाकर सडक़ जाम किया गया, जिससे कुछ समय तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि लाइसेंसधारी भू-मापकों की सेवाओं को तत्काल स्थायी किया जाए। साथ ही “समान कार्य के लिए समान वेतन” के सिद्धांत के तहत उचित मानदेय तय करने और लाइसेंस व्यवस्था के नाम पर जारी कथित शोषणकारी व्यवस्था को समाप्त करने की मांग भी उठाई गई।
इस आंदोलन को विभिन्न किसान संगठनों का भी समर्थन मिला। किसान नेता हुच्चव्वनहल्ली मंजुनाथ ने कहा कि भू-मापकों की न्यायसंगत लड़ाई में राज्य के 30 हजार से अधिक किसान उनके साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने सरकार से जल्द समस्याओं के समाधान की मांग की।
प्रदर्शन में शामिल यादनंद स्वामी ने कहा कि भू-मापक सरकार की प्रशासनिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनकी मांगों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
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