जल पर्यटन में सुरक्षा का ‘कवच’आलमट्टी के रॉक गार्डन में बोटिंग कर्मचारियों के विशेष प्रशिक्षण का उद्घाटन करते केबीजेएनएल डैम क्षेत्र के मुख्य अभियंता बसवराज डी.।

आलमट्टी में बोटिंग कर्मचारियों की 10 दिवसीय विशेष ट्रेनिंग शुरू

जीवनरक्षा से मोटर बोट संचालन तक सिखाए जा रहे गुर

विजयपुर। जल पर्यटन के दौरान पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आलमट्टी के रॉक गार्डन में बोटिंग कर्मचारियों का 10 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण सोमवार से शुरू हुआ। प्रशिक्षण में जीवनरक्षक तकनीक, आपात स्थिति में बचाव, जलक्रीड़ा संचालन और मोटर बोट के सुरक्षित संचालन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के राष्ट्रीय जलक्रीड़ा संस्थान के सहयोग से बसव बोट सिल्वर लेक की ओर से आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन केबीजेएनएल डैम क्षेत्र के मुख्य अभियंता बसवराज डी. ने किया।

उन्होंने कहा कि जल पर्यटन में पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। आपात स्थिति में किसी पर्यटक को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बोटिंग कर्मचारियों का प्रशिक्षित होना बेहद जरूरी है।

आलमट्टी-कूडलसंगम में पांच-पांच दिन प्रशिक्षण

आयोजक डॉ. बसवराज अनगवाड़ी ने कहा कि आलमट्टी और कूडलसंगम में जल पर्यटन को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से प्रशिक्षण आयोजित किया गया है। पांच दिन आलमट्टी और पांच दिन कूडलसंगम में प्रशिक्षण दिया जाएगा।

जल क्रीड़ा प्रशिक्षक एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी रोहन सुवर्ण कर्मचारियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। आलमट्टी क्षेत्र के वन अधिकारी महेश पाटील मुख्य अतिथि रहे।

प्रशिक्षण में पानी में फंसे पर्यटक को सुरक्षित निकालने, जल बचाव तकनीक, मोटर बोट संचालन तथा जलक्रीड़ा के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों का अभ्यास कराया जा रहा है। कर्मचारियों को सैद्धांतिक जानकारी के साथ वास्तविक परिस्थितियों पर आधारित व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि संकट की घड़ी में वे तत्काल बचाव कार्य संभाल सकें।

 

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By Bharat Ki Awaz

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