कैगा-कारवार राजमार्ग से भारी वाहनों पर प्रतिबंध हटा, प्रति धुरी 15 टन की सीमा

कैगा परमाणु परियोजना की पांचवीं और छठी इकाई के निर्माण के लिए मिलेगी सुविधा

सडक़ की सुरक्षा और मरम्मत की जिम्मेदारी एनपीसीआईएल पर

दांडेली (उत्तर कन्नड़)। कैगा परमाणु विद्युत परियोजना की पांचवीं और छठी इकाई के निर्माण के लिए सामग्री की ढुलाई सुगम बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने कैगा-कारवार राज्य राजमार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही पर लगा प्रतिबंध हटा दिया है। हालांकि, वाहनों में प्रति धुरी अधिकतम 15 मीट्रिक टन भार ले जाने की शर्त लागू रहेगी। इस सीमा का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनपीसीआईएल) को सौंपी गई है।

राष्ट्रीय महत्व की कैगा-5 और कैगा-6 इकाइयों का निर्माण वर्ष 2031-32 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इनके लिए निर्माण सामग्री और अन्य सामान की ढुलाई में राज्य राजमार्ग-06 प्रमुख संपर्क मार्ग है।

सडक़ की हालत खराब होने के कारण पहले जिला प्रशासन ने भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाते हुए एनपीसीआईएल को मरम्मत कराने का निर्देश दिया था। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने सडक़ का निरीक्षण किया। इसके बाद जिलाधिकारी ने 16 अक्टूबर को प्रतिबंध हटाने का आदेश दिया।

राजमार्ग के केरवडी-मल्लापुर खंड के पुनर्निर्माण और चौड़ीकरण का काम भी एनपीसीआईएल ने ठेके पर दिया है, जो फिलहाल जारी है। संस्था के अनुसार, निर्धारित भार सीमा का पालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। सडक़ को भविष्य में दोबारा मरम्मत की जरूरत पडऩे पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

एनपीसीआईएल की ओर से जारी विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई है।

 

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By Bharat Ki Awaz

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