Category: Religious

जैन परंपरा में मंदिरों और तीर्थों का सबसे प्राचीन इतिहास

जैन परंपरा में मंदिरों और तीर्थों का सबसे प्राचीन इतिहास

अप्रवासी सभी जाति-वर्गों की हुई विशेष सभा शिवमोग्गा. आचार्य विमल सागर सूरीश्वर ने कहा कि मंदिर मानव सभ्यता के खोजे हुए बहुत प्राचीन और अद्भुत आविष्कार हैं। मंदिरों से संस्कृति…

कोई नहीं कर सकता निष्ठा भावना और नैतिकता की बराबरी

कोई नहीं कर सकता निष्ठा भावना और नैतिकता की बराबरी

शिवमोग्गा. आचार्य विमल सागर सूरीश्वर ने कहा कि धर्म, समाज, राष्ट्र, मानवता या जीवन मूल्यों के प्रति मनुष्य का दृढ़ निश्चयी और समर्पित बनना, उसके निष्ठावान होने का अर्थ है।…

संगठित समाज ही करेंगे विकास

संगठित समाज ही करेंगे विकास

भद्रावती (शिवमोग्गा). आचार्य विमल सागर सूरीश्वर ने कहा कि कोई कितने भी धनवान या बुद्धिशाली हो, आने वाले युग में सिर्फ संगठित समाज ही विकास करेंगे और सुरक्षित रहेंगे। जो…

शक्ति संवर्धन करते है अनुष्ठान - साध्वी संयमलता

शक्ति संवर्धन करते है अनुष्ठान – साध्वी संयमलता

चिक्कमगलूरु. तेरापंथ भवन में धर्मसभा को संबोधित करते हुए साध्वी संयमलता ने कहा कि मंत्रों का उच्चारण व बीजमंत्र हमारे आभामंडल को निर्मल व सशक्त बनाते है। इससे हमारी भीतरी…

भक्ति और भव्यता से मनाया पार्श्वनाथ जिनालय का वार्षिक महोत्सव

भक्ति और भव्यता से मनाया पार्श्वनाथ जिनालय का वार्षिक महोत्सव

नई पीढ़ी को धर्मशास्त्रों से ज्यादा गूगल पर भरोसा भद्रावती (शिवमोग्गा). आचार्य विमल सागर सूरीश्वर ने कहा कि वर्तमान समय बौद्धिक और वैचारिक भ्रष्टता का युग है। आज लोगों को…

दुनिया भर में अमन और सांप्रदायिक सौहार्द के लिए मांगी दुआएं

दुनिया भर में अमन और सांप्रदायिक सौहार्द के लिए मांगी दुआएं

सुन्नी सम्मेलन में दिया भाईचारे का संदेश दो दिवसीय वार्षिक सुन्नी सम्मेलन हुब्बल्ली. वार्षिक सुन्नी सम्मेलन में जहां दुनियाभर में अमन और सांप्रदायिक सौहाद्र्र के लिए दुआएं मांगीं गई वहीं…

अध्यात्म और भौतिकता के बीच गहरा संघर्ष

अध्यात्म और भौतिकता के बीच गहरा संघर्ष

पाश्र्वनाथ मंदिर की सेंतीसवीं वर्षगांठ सिद्धचक्र महामंडल विधान का आयोजन भद्रावती. आचार्य विमल सागर सूरीश्वर ने नवपद की महिमा का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि वर्तमान युग अध्यात्म…

राग-द्वेष से मुक्त आत्मा ही भगवान

राग-द्वेष से मुक्त आत्मा ही भगवान

विविध मंत्रों, जड़ीबूटियों से किया पाश्र्वनाथ का अभिषेक भद्रावती. आचार्य विमल सागर सूरीश्वर ने कहा कि भक्तियोग सबसे सरल योग है। ज्ञानयोग, ध्यानयोग, तपयोग आदि कठिन हैं। भगवान की भक्ति…

दुनिया बुराइयों पर नहीं, अच्छाइयों पर टिकी है

दुनिया बुराइयों पर नहीं, अच्छाइयों पर टिकी है

भद्रावती. आचार्य विमल सागर सूरीश्वर ने कहा कि संसार अच्छाइयों और बुराइयों का मिलाजुला स्वरूप है। धर्मशास्त्रों ने अच्छाइयों को पुण्य और बुराइयों को पाप कहा है। जैनदर्शन ने पुण्य-पाप…

भोग-उपभोग बढ़ा है, पैसों की कद्र घटी है

भोग-उपभोग बढ़ा है, पैसों की कद्र घटी है

भद्रावती. आचार्य विमल सागर सूरीश्वर ने कहा कि अपव्यय गरीबी और वैश्विक समस्याओं का मूल कारण है। दुनिया में जहां देखो वहां, बहुत बड़ी मात्रा में भोग-उपभोग बढ़ गया है।…