कीमतों में भारी गिरावट, बाजार पर निर्भर किसान आर्थिक मुश्किल में
सिरसी. स्थानीय बाजारों में आम की भरपूर आवक अब अनानास उत्पादकों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। आम के सीजन के चरम पर पहुंचते ही अनानास की मांग में भारी गिरावट आई है, जिससे किसानों को बड़ा आर्थिक झटका लगा है।
सिरसी तालुक के बनवासी क्षेत्र में ही लगभग 350 एकड़ से अधिक भूमि पर अनानास की खेती की जाती है। यहां के किसान आमतौर पर इस तरह खेती करते हैं कि अनानास की फसल आम के मौसम से अलग समय पर बाजार में पहुंचे। लेकिन इस बार मौसम में बदलाव, अत्यधिक गर्मी और बीच-बीच में हो रही बारिश के कारण आम और अनानास दोनों एक साथ बाजार में पहुंच गए।
एक महीने में आधी रह गई कीमत
करीब एक महीने पहले तक बाजार में अनानास 25 रुपए प्रति किलो तक बिक रहा था। लेकिन आम की आवक बढ़ते ही इसकी मांग घट गई और अब कीमत गिरकर केवल 13 रुपए प्रति किलो रह गई है। इससे किसानों की लागत और मुनाफे का पूरा गणित बिगड़ गया है।
अनानास उत्पादक द्यामण्णा दोडमनी ने बताया कि बनवासी क्षेत्र में मुख्य रूप से ‘क्वीन’ किस्म का अनानास उगाया जाता है। अच्छी गुणवत्ता वाले प्रथम श्रेणी के फलों को बाहरी राज्यों में बेहतर बाजार और दाम मिल जाते हैं, लेकिन कुल उत्पादन का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा द्वितीय और तृतीय श्रेणी का होता है, जिसकी बिक्री पूरी तरह स्थानीय बाजार पर निर्भर रहती है।
लागत निकालना भी मुश्किल
किसानों का कहना है कि बाजार में प्रतिस्पर्धा बढऩे के कारण उन्हें उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। अचानक आई इस मूल्य गिरावट ने स्थिति ऐसी कर दी है कि खेती की लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है। यदि स्थानीय बाजार में जल्द सुधार नहीं हुआ तो इस बार अनानास उत्पादकों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
बागवानी विभाग के अधिकारी गणेश हेगड़े ने सुझाव दिया कि बाजार में मांग कम होने पर अनानास को फल प्रसंस्करण इकाइयों को बेचना किसानों के लिए अधिक लाभदायक हो सकता है।
वहीं किसान द्यामण्णा दोडमनी का कहना है कि जब बाजार में आम आसानी से उपलब्ध होता है, तब ग्राहक अनानास की ओर कम आकर्षित होते हैं। इसी वजह से फलों का स्टॉक बढ़ रहा है और कीमतों में लगातार गिरावट आ रही है।
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