वर्षों से बंद पड़ा शुद्ध पानी संयंत्र
ग्रामीण गंदा पानी पीने को मजबूर
हुब्बल्ली. नवलगुंद तालुक के गुडिसागर ग्राम पंचायत अंतर्गत नागनूर गांव में शुद्ध पेयजल की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। गांव में स्थापित शुद्ध पानी संयंत्र वर्षों से खराब पड़ा है, जिसके कारण ग्रामीणों को स्वच्छ पानी नहीं मिल पा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार ने करोड़ों रुपए खर्च कर जल शुद्धिकरण संयंत्र स्थापित किया था, लेकिन रखरखाव के अभाव में यह पूरी तरह अनुपयोगी बन चुका है।
स्थिति यह है कि गांव को तालाब से पानी पहुंचाने वाला मोटर पंप भी पिछले 20 दिनों से खराब पड़ा था। इसके चलते ग्रामीणों को तालाब का गंदा और कीचडय़ुक्त पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। अधिकारियों ने नया मोटर लगाया जरूर है, लेकिन अब भी घरों तक गंदा पानी ही पहुंच रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, 1 मई से मलप्रभा नहर का पानी तालाब में छोड़ा गया है और उसी पानी को बिना शुद्ध किए पाइपलाइन के जरिए घरों तक सप्लाई किया जा रहा है।
गांव के किसान शौकतअली लम्बूनवर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पशुओं और घरेलू उपयोग के लिए भी पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। कई बार ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
हाल ही में जिला पंचायत के सीईओ भुवनेश पाटील ने पंचायत विकास अधिकारियों की बैठक लेकर पेयजल समस्या दूर करने के निर्देश दिए थे, बावजूद इसके गांव में हालात जस के तस बने हुए हैं।
ग्राम पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष मल्लिकार्जुन एस. होलेयन्नवर ने आरोप लगाया कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण गांव की जल योजना पूरी तरह विफल हो गई है। गांव के एक वार्ड में मीठा पानी और दूसरे वार्ड में बोरवेल का पानी दिया जा रहा है, जिसे पीना मुश्किल है। उन्होंने जिला प्रशासन से गांव का दौरा कर समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।
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