सूखे में रागी बनी किसानों की नई उम्मीद, चित्रदुर्ग में बढ़ा रकबा
कम वर्षा और बेहतर समर्थन मूल्य से बढ़ा रुझान इस बार एक लाख हेक्टेयर तक पहुंच सकती है रागी की खेती चित्रदुर्ग। संत कवि पुरंदरदास की पंक्तियां— “रागी तंदीरा भिक्षेगे…
कम वर्षा और बेहतर समर्थन मूल्य से बढ़ा रुझान इस बार एक लाख हेक्टेयर तक पहुंच सकती है रागी की खेती चित्रदुर्ग। संत कवि पुरंदरदास की पंक्तियां— “रागी तंदीरा भिक्षेगे…