कृषि संकट पर चोरी की मार : अन्नदाताओं की नींद हरामचोरों ने एक किसान के खेत में स्थित बोरवेल का काटा केबल।

सायगांव होबली में केबल चोरों का आतंक

सिंचाई व्यवस्था ठप, किसान आर्थिक संकट में फंसे

हुलसूर (बीदर). सायगांव होबली (राजस्व केंद्र) के किसानों पर दोहरी मार पड़ रही है। एक ओर फसल क्षति से वे पहले ही परेशान हैं, वहीं अब केबल चोरों ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। चोर सिंचित कृषि भूमि को निशाना बनाकर विद्युत केबल, पाइप और मोटर सहित उपकरण चुरा ले जाते हैं, जिससे सिंचाई व्यवस्था ठप हो रही है।

हलसितुगांव, वांजरखेड, मेहकर, अट्टरगा, अळवाई सहित महाराष्ट्र सीमा से सटे गांवों में वर्षा आधारित और सिंचित दोनों प्रकार की खेती होती है। खेतों में बोरवेल व कुओं को विद्युत कनेक्शन दिया गया है और पानी पहुंचाने के लिए पाइपों का उपयोग होता है। इन्हीं उपकरणों पर चोरों की नजर है।

रात के समय किसानों की अनुपस्थिति में चोर खेतों में घुसकर विद्युत केबल काट लेते हैं। पाइप, मोटर, स्विच बोर्ड भी चोरी कर ले जाते हैं। इससे किसानों को मजबूरन नए उपकरण खरीदने पड़ रहे हैं और वे आर्थिक संकट में फंसते जा रहे हैं।

किसानों का कहना है कि शिकायत दर्ज कराने पर बार-बार थाने के चक्कर लगाने पड़ते हैं, इसी कारण वे रिपोर्ट दर्ज कराने से बचते हैं। इस स्थिति का फायदा उठाकर चोर लगातार वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।

हारेवाड़ी गांव के किसान प्रभाकर पांचाल ने बताया कि हाल ही में उनके खेत से विद्युत केबल चोरी हो गया। मजबूरी में नया केबल लगवाना पड़ा। चोरी गई सामग्री की कीमत पांच हजार रुपए से कम होने के कारण थाने में शिकायत नहीं की।

मेहकर के किसान अशोक पाटील ने कहा कि बागवानी फसलों के लिए नियमित सिंचाई आवश्यक है, लेकिन केबल और पाइप चोरी के कारण किसान परेशान हैं और कई लोग ठंड भरी रातों में भी खेतों में रुकने को मजबूर हैं।

मेहकर पुलिस थाने के पीएसआई सुदर्शन रेड्डी ने बताया कि अब तक किसानों की ओर से कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। शिकायत मिलने पर चोरों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्र में संध्या व रात्रि गश्त बढ़ाई जाएगी।

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