श्रमिकों की सुरक्षा पर सवाल, दो साल में 7,906 शिकायतेंश्रमिकों की सुरक्षा पर सवाल, दो साल में 7,906 शिकायतें

2024-25 में शोषण से जुड़ी शिकायतों की बाढ़

2,429 मामले अब भी लंबित

बाल श्रम के खिलाफ 79,903 निरीक्षण

1,460 बच्चे बचाए 1,021 मामले दर्ज 58 मामलों में सजा

हुब्बल्ली। कर्नाटक में श्रमिकों के अधिकारों और सुरक्षा को लेकर सरकार के तमाम दावों के बीच पिछले दो वर्षों में श्रमिक शोषण से संबंधित 7,906 शिकायतें दर्ज होने का मामला सामने आया है। वर्ष 2024 में 3,977 और 2025 में 3,929 शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें बड़ी संख्या में मामलों का निपटारा किया गया, लेकिन दोनों वर्षों के अंत में कुल 2,706 शिकायतें लंबित रहीं।

श्रम विभाग के अनुसार, शिकायतों के शीघ्र निपटारे और श्रमिकों को आवश्यक संरक्षण उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्रवाई की जा रही है।

2024 में 2,750, 2025 में 2,500 शिकायतों का निपटारा

2024 में कुल 3,977 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें वर्ष की शुरुआत में 1,255 शिकायतें लंबित थीं। इनमें से 2,750 का निपटारा किया गया और वर्ष के अंत में 1,277 मामले लंबित रहे।

इसी तरह 2025 में 3,929 शिकायतें दर्ज हुईं। वर्ष की शुरुआत में 1,277 मामले लंबित थे। इनमें से 2,500 शिकायतों का निपटारा हुआ और 1,429 मामले लंबित रहे।

बाल श्रम पर भी पूरी तरह नहीं लगी रोक

राज्य में बाल श्रम की समस्या भी चुनौती बनी हुई है। बाल श्रम कानून के तहत प्रतिबंधित होने के बावजूद कुछ क्षेत्रों में बच्चों से काम कराने के मामले सामने आ रहे हैं। ऑनलाइन और ऐप आधारित कंपनियों में भोजन एवं सामान की डिलीवरी जैसे कामों में भी बच्चों को लगाने के आरोपों ने चिंता बढ़ाई है।

दो साल में 79 हजार से अधिक निरीक्षण

बाल श्रम रोकने के लिए 2024 में 41,652 निरीक्षण किए गए। इस दौरान 781 बच्चों को बचाया गया, 556 मामले सामने आए और 287 मामलों में प्रकरण दर्ज किए गए। 19 मामलों में सजा हुई तथा 18.58 लाख रुपए का जुर्माना वसूला गया।

2025 में 38,251 निरीक्षणों में 679 बच्चों को बचाया गया। 465 मामले सामने आए, 205 प्रकरण दर्ज हुए और 39 मामलों में सजा हुई। इस दौरान 11.30 लाख रुपए जुर्माना वसूला गया।

हर जिले में निगरानी तंत्र

बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला कार्यबल और तहसीलदार की अध्यक्षता में तालुक स्तर की कार्यबल समितियां गठित की गई हैं। अधिकारियों को नियमित निरीक्षण के साथ विशेष और आकस्मिक जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार की ओर से दीवार लेखन, पर्चे, ऑटो प्रचार, कार्यशालाओं, नुक्कड़ नाटकों और कानूनी जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए बाल श्रम के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। शिकायत के लिए बाल हेल्पलाइन 1098 और श्रमिक हेल्पलाइन 155214 के बारे में भी जागरूकता फैलाई जा रही है।

आंकड़े जो सवाल खड़े करते हैं

वर्ष — शिकायतें — निपटारे — लंबित
2024 — 3,977 — 2,750 — 1,277
2025 — 3,929 — 2,500 — 1,429
कुल — 7,906 — 5,250 — 2,706

 

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By Bharat Ki Awaz

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