ग्रामीण क्षेत्रों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने की उम्मीद
कई गांवों को मिलेगी राहत
उडुपी. जिले के सिद्दापुर में फायर स्टेशन स्थापित करने की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी होती नजर आ रही है। जिला प्रशासन ने इसके लिए एक एकड़ भूमि आवंटित कर दी है। इससे कुंदापुर और हेब्री तालुक के ग्रामीण क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
जिलाधिकारी स्वरूपा टी.के. ने सिद्दापुर गांव के सर्वे नंबर 244 में एक एकड़ भूमि को अग्निशमन व आपात सेवा विभाग के नाम आरक्षित करने का आदेश जारी किया है। इस निर्णय के बाद क्षेत्र में नए फायर स्टेशन की स्थापना की प्रक्रिया आगे बढऩे की उम्मीद है।
कुंदापुर, बैंदूर और हेब्री तालुक के ग्रामीण इलाकों में पिछले कुछ वर्षों से आग की घटनाओं में वृद्धि हो रही है। इन क्षेत्रों में किसी भी दुर्घटना की स्थिति में दमकल वाहनों को कुंदापुर से करीब 25-30 किलोमीटर या कार्कल से 60-65 किलोमीटर दूर से पहुंचना पड़ता है, जिससे राहत कार्य में देरी होती है।
सिद्दापुर, शंकरनारायण, अंपारु, बेल्वे, गोलियंगडी, अमासेबैलु और बालेबरे घाट क्षेत्र में काजू प्रोसेसिंग इकाइयां, सुपारी गोदाम, तेल मिल और अन्य उद्योग बड़ी संख्या में हैं। ऐसे में सिद्दापुर में फायर स्टेशन बनने से इन क्षेत्रों को त्वरित सहायता मिल सकेगी।
सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा
जमीन आवंटित हो चुकी है। अब 15वें वित्त आयोग योजना के तहत अनुदान के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। आमतौर पर नए फायर स्टेशन की स्थापना के लिए करीब तीन करोड़ रुपए का अनुदान दिया जाता है, जिसके बाद भवन, वाहन और अन्य सुविधाओं का निर्माण शुरू होगा।
–विनायक कलगुटकर, जिला अग्निशमन अधिकारी, उडुपी

