सांसद बी.वाई. राघवेंद्र ने लोकसभा में उठाया मुद्दा
केंद्र सरकार से शीघ्र मंजूरी व बजट आवंटन का आग्रह
शिवमोग्गा. शिवमोग्गा लोकसभा क्षेत्र में लंबित रेल परियोजनाओं को शीघ्र लागू करने और उनके लिए आवश्यक बजट उपलब्ध कराने की मांग को लेकर सांसद बी.वाई. राघवेंद्र ने लोकसभा में केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
लोकसभा की 16 मार्च की कार्यवाही के दौरान सांसद ने रेल मंत्री से चर्चा करते हुए शिवमोग्गा को एक प्रमुख रेल ट्रांजिट हब के तौर पर विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया और विभिन्न परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन की मांग की।
उन्होंने कहा कि मलेनाडु और उत्तर कर्नाटक को जोडऩे वाली शिवमोग्गा-शिकारीपुर-राणेबेन्नूर रेलवे परियोजना को जल्द पूरा करना चाहिए। साथ ही शिकारीपुर से राणेबेन्नूर तक दूसरे चरण के कार्यों के लिए तुरंत टेंडर जारी करने का आग्रह किया। इस परियोजना के लिए राज्य सरकार की ओर से 50:50 लागत साझेदारी और भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येडियूरप्पा के योगदान का भी उन्होंने उल्लेख किया।
सांसद ने शिवमोग्गा के कोटेगंगूर कोचिंग टर्मिनल के दूसरे चरण के निर्माण को तत्काल मंजूरी देने, पूर्ण क्षमता वाली दूसरी पिट लाइन तथा स्वचालित कोच वॉशिंग प्लांट स्थापित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि शिवमोग्गा से वंदे भारत ट्रेनों के संचालन के लिए यह टर्मिनल अत्यंत आवश्यक है।
इसके अलावा बीरूर-शिवमोग्गा रेल मार्ग के दोहरीकरण (डबलिंग) को प्रशासनिक मंजूरी देने और शिवमोग्गा-तीर्थहल्ली-श्रृंगेरी-मेंगलूरु तथा शिवमोग्गा-तीर्थहल्ली-श्रृंगेरी-चिक्कमगलूरु रेल लाइनों के सर्वेक्षण को तेज करने की मांग की।
राघवेंद्र ने तालगुप्पा-सिद्धापुर-सिरसी-हुब्बल्ली रेल मार्ग को सोरब के रास्ते ले जाने का प्रस्ताव भी रखा, जिससे वन क्षेत्र की क्षति कम होगी और सोरब को भी रेल संपर्क मिल सकेगा।
साथ ही यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मूकांबिका रोड-बैंदूर रेलवे स्टेशन पर एर्नाकुलम-पुणे एक्सप्रेस, तिरुवनंतपुरम-निजामुद्दीन एक्सप्रेस, कोचिवेली-ऋषिकेश एक्सप्रेस तथा मंगल लक्षद्वीप एक्सप्रेस को ठहराव देने की मांग भी रेल मंत्री से की गई।

