प्रदीप शेट्टर ने राज्यपाल को लिखा पत्र
विभाजन से केंद्रीय अनुदान घटने का खतरा, विकास कार्यों पर पड़ेगा असर
हुब्बल्ली. हुब्बल्ली-धारवाड़ महानगर निगम के प्रस्तावित विभाजन का विरोध तेज हो गया है। विधान परिषद सदस्य प्रदीप शेट्टर ने राज्यपाल को पत्र लिखकर विकास के दृष्टिकोण से इस कदम को अनुचित बताया है।
अनुदान में कटौती का खतरा
प्रदीप शेट्टर ने अपने पत्र में कहा है कि भारत का पांचवां वित्त आयोग ने प्रदर्शन आधारित अनुदान और निधियों के वितरण में जनसंख्या मानकों को स्पष्ट किया है।
उन्होंने बताया कि 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों को वायु गुणवत्ता सुधार, पेयजल आपूर्ति और स्वच्छता के लिए विशेष अनुदान मिलता है। यदि निगम का विभाजन किया जाता है, तो यह लाभ कम हो सकता है।
इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर असर
पत्र में उल्लेख किया गया है कि 10 लाख से 40 लाख जनसंख्या वाले शहरों के लिए सीवरेज और ठोस कचरा प्रबंधन के लिए आयोग ने 56 हजार करोड़ रुपए की सिफारिश की है।
शेट्टर के अनुसार, नगर निगम का विभाजन होने पर शहर इस श्रेणी से बाहर हो सकता है, जिससे केंद्रीय सहायता में कमी आएगी और विकास कार्य प्रभावित होंगे।
राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग
उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया है कि वे सरकार को इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने की सलाह दें। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि महापौर को भी इस मुद्दे पर राज्यपाल और राज्य सरकार को पत्र लिखना चाहिए।
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