तालाब विकास से पूरे मानव समाज को लाभ : बसवराज बोम्मईशिग्गांव तालुक के तडस गांव में भारत सेवा संस्था द्वारा आयोजित कंचगारगट्टी तालाब से गाद हटाने के कार्य के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई।

हावेरी के शिग्गांव में तालाब से गाद हटाने के कार्य का शुभारंभ

हावेरी. सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा कि तालाबों का विकास केवल किसानों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे समाज और मानवता के लिए लाभकारी है। किसान समृद्ध होगा तो प्रकृति, समाज और देश सभी को इसका लाभ मिलेगा।

वे शिग्गांव तालुक के तडस गांव में भारत सेवा संस्था द्वारा आयोजित कंचगारगट्टी तालाब से गाद हटाने के कार्य के शुभारंभ कार्यक्रम में बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि पानी किसी व्यक्ति, समूह या सरकार की संपत्ति नहीं, बल्कि पूरी मानवता की साझा धरोहर है। प्रकृति सभी को समान रूप से जल प्रदान करती है, इसलिए हर व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह जल स्रोतों की रक्षा और स्वच्छता बनाए रखे।

बोम्मई ने तालाबों की समय-समय पर सफाई और गाद हटाने को “पवित्र कार्य” बताते हुए कहा कि जैसे मनुष्य को अपने भीतर की नकारात्मकता को हटाना चाहिए, वैसे ही तालाबों से गाद निकालना आवश्यक है ताकि वे अधिक पानी संग्रह कर सकें।

उन्होंने अपने कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री बी.एस. येडियूरप्पा के मार्गदर्शन में हर विधायक को अपने क्षेत्र में पांच तालाबों का गहरीकरण करने का लक्ष्य दिया गया था, जिसे उन्होंने जनसहयोग से बढ़ाकर 50 तालाबों तक पूरा किया।

बोम्मई ने कहा कि वरदा नदी से तडस तालाब तक पानी पहुंचाने का कार्य भी किया गया है, जिससे जल संग्रह क्षमता बढ़ी है। शिग्गांव-सवणूर क्षेत्र में 500 से अधिक तालाब हैं, जिनका विकास किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।

उन्होंने कहा कि परोपकार की भावना से किए गए कार्य समाज में स्थायी बदलाव लाते हैं। “सफलता व्यक्तिगत होती है, लेकिन उपलब्धि वह है जो समाज के लिए हो,” इस विचार को अपनाकर हर व्यक्ति को जनहित के कार्यों में भागीदारी करनी चाहिए।

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By Bharat Ki Awaz

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