मेंगलूरु तट पर लौटने लगीं मछली पकडऩे वाली नौकाएंमेंगलूरु तट पर लौटने लगीं मछली पकडऩे वाली नौकाएं

500 के करीब नावें पहुंचीं; रानी मछली और कटलफिश की अधिक उपलब्धता

मछुआरे बोले—पिछले साल से कम है पकड़

मेंगलूरु। मछली पकडऩे का मौसम शुरू होने के साथ गहरे समुद्र में गई मछली पकडऩे वाली नौकाएं अब मछलियों से लदकर मेंगलूरु बंदरगाह लौटने लगी हैं। गुरुवार और शुक्रवार को करीब 500 नौकाएं बंदरगाह पहुंचीं, जिससे लंबे समय बाद दक्के में फिर से गतिविधियां तेज हो गई हैं।

शुरुआती दौर में समुद्र में गई नौकाओं को मुख्य रूप से रानी मछली और कटलफिश अधिक मात्रा में मिली हैं। इसके अलावा बोंडास, मुरु और डिस्को मछली भी कुछ मात्रा में जाल में फंसी है।

ट्रॉल बोट मछुआरा संघ के अध्यक्ष राजेश पुतरन ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार शुरुआती दौर में मछलियों की उपलब्धता कम है। मछुआरों को जितनी मात्रा में मछली मिलने की उम्मीद थी, उतनी पकड़ नहीं हो पाई है।

मछली उतारने में परेशानी

उन्होंने बताया कि बंदरगाह में विकास कार्य चलने के कारण नौकाओं से मछलियां उतारने में दिक्कत हो रही है। बंदरगाह पहुंची नौकाओं को मछली उतारने के लिए अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। इससे उन्हें दोबारा समुद्र में मछली पकडऩे के लिए रवाना होने में भी देरी हो रही है।

मछुआरा संघ ने संबंधित विभाग से बंदरगाह में चल रहे कार्यों के बीच मछलियां उतारने की व्यवस्था सुचारु करने और समस्या का तत्काल समाधान करने की मांग की है।

 

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By Bharat Ki Awaz

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