न्यायाधीश के.जी. शांति ने कहा
नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का उद्घाटन
मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर दिया जोर
बल्लारी. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष न्यायाधीश के.जी. शांति ने कहा कि महिलाओं के समग्र विकास के लिए संतुलित स्वास्थ्य अत्यंत आवश्यक है। शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य का संतुलन बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
वे बल्लारी में न्यायालय कर्मियों के लिए आयोजित नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर के उद्घाटन अवसर पर संबोधित कर रही थीं। यह शिविर अंतरराष्टीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में जिला न्यायपालिका, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तथा जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था।
न्यायाधीश शांति ने कहा कि महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक रहने की आवश्यकता है। अक्सर महिलाएं परिवार और जिम्मेदारियों के बीच अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देती हैं, जो आगे चलकर गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। ऐसे में इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर महिलाओं को समय-समय पर अपनी स्वास्थ्य जांच कराने और विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लेने का बेहतर अवसर प्रदान करते हैं।
उन्होंने उपस्थित महिलाओं से अपील की कि वे शिविर में उपलब्ध अनुभवी डॉक्टरों से उचित सलाह, आवश्यक निर्देश और उपचार प्राप्त करें तथा अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि स्वस्थ महिला ही स्वस्थ परिवार और समाज की आधारशिला होती है।
इस अवसर पर जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अधिकारी ने शिविर के सफल आयोजन के लिए जिला सर्जन को बधाई दी। कार्यक्रम में प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश बी.जी. प्रमोद, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव राजेश एन. होसमने, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राघवेंद्र गौड़ा बी.जी., प्रिंसिपल फैमिली जज वेंकटेश सहित विभिन्न न्यायालयों के न्यायाधीश, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
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