फरवरी 2027 तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य
धीमी प्रगति पर सीईओ नाराज
विजयपुर. जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) ऋषि आनंद ने जलधारा बहु-ग्रामीण पेयजल योजना और हर घर जल योजना की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए संबंधित ठेकेदारों और अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महत्वाकांक्षी जलधारा योजना की प्रगति अभी केवल 81.25 प्रतिशत तक पहुंची है, जबकि इसे फरवरी 2027 तक हर हाल में पूरा करना होगा।
जिला पंचायत सभागार में बुधवार को आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए ऋषि आनंद ने लंबित पाइपलाइन कार्यों, हाइड्रो टेस्टिंग और जल आपूर्ति संबंधी व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की।
15 जून तक पाइपलाइन कार्य पूरा करने के निर्देश
ऋषि आनंद ने कहा कि तकनीकी और प्रशासनिक बाधाएं दूर होने के बावजूद कई गांवों में पाइपलाइन कार्य लंबित है, जो गंभीर लापरवाही दर्शाता है। उन्होंने ठेकेदारों को 15 जून तक सभी लंबित पाइपलाइन कार्य अनिवार्य रूप से पूरा करने का निर्देश दिया।
उन्होंने सहायक कार्यकारी अभियंताओं, सहायक अभियंताओं और कनिष्ठ अभियंताओं को लगातार निगरानी कर कार्य प्रगति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
हाइड्रो टेस्टिंग में तेजी लाने पर जोर
जहां पाइपलाइन कार्य पूरा हो चुका है, वहां अतिरिक्त श्रमिक लगाकर हाइड्रो टेस्टिंग प्रक्रिया तेज करने और कम से कम 70 प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए गए।
राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे अनुमति की बाधाएं दूर होंगी
बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे क्रॉसिंग और वन विभाग से संबंधित लंबित अनुमतियों को जल्द निपटाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया।
नए ओएचटी निर्माण के निर्देश
बासवनबागेवाड़ी और इंडी तालुक में जल भंडारण टंकियों की एनडीटी जांच में खामियां सामने आने के बाद नए ओएचटी निर्माण की आवश्यकता बताई गई। इस पर ऋषि आनंद ने अन्य तालुकों से भी आवश्यक प्रस्ताव तत्काल भेजने के निर्देश दिए।
निजी भूमि खरीदने के निर्देश
जहां सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं है, वहां ओएचटी निर्माण के लिए निजी भूमि उचित दर पर खरीदने के लिए स्थानीय अधिकारियों को भूमि मालिकों से समन्वय स्थापित करने को कहा गया।
“हर घर जल” प्रगति बेहद धीमी
सीईओ ने कहा कि जिले में हर घर जल योजना की प्रगति संतोषजनक नहीं है। उन्होंने सभी अभियंताओं और तालुक पंचायत अधिकारियों को समस्याग्रस्त गांवों का दौरा कर तुरंत समाधान करने के निर्देश दिए।
प्रत्येक सहायक और कनिष्ठ अभियंता को कम से कम पांच गांव “हर घर जल” घोषित करने का लक्ष्य दिया गया है। साथ ही आगामी 18 मई तक कम से कम 100 गांवों को “हर घर जल” योजना के तहत घोषित करने के निर्देश जारी किए गए।
पेयजल गुणवत्ता जांच अनिवार्य
बैठक में निर्णय लिया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति से पहले पानी की गुणवत्ता की जांच अनिवार्य होगी। फील्ड टेस्टिंग किट के माध्यम से नियमित जांच कर सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
ऋषि आनंद ने कहा कि गर्मियों में किसी भी गांव में पेयजल संकट उत्पन्न नहीं होना चाहिए और सभी ग्राम पंचायतें जल स्रोतों का समुचित प्रबंधन सुनिश्चित करें।
बैठक में ग्रामीण पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यकारी अभियंता, सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता तथा जिला परियोजना प्रबंधक सहित विभिन्न अधिकारी उपस्थित थे।
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