बल्लारी जिले में हस्तलिखित ग्रंथों और ऐतिहासिक दस्तावेजों के डिजिटलीकरण का अभियान शुरू
बल्लारी. जिलाधिकारी के. नागेंद्र प्रसाद ने कहा कि सदियों पुरानी भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक तकनीक के माध्यम से संरक्षित और विकसित करने के उद्देश्य से केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त सहयोग से ‘ज्ञान भारतम मिशन’ योजना का शुभारंभ बल्लारी जिले में किया गया है।
इस बारे में जानकारी देते हुए जिलाधिकारी के. नागेंद्र प्रसाद ने कहा कि इस योजना के तहत जिले में उपलब्ध प्राचीन हस्तलिपियों, हाथ से लिखे ग्रंथों और ऐतिहासिक दस्तावेजों का जियोटैगिंग और मेटाडेटा के माध्यम से डिजिटलीकरण कर स्थायी रूप से संरक्षित किया जाएगा।
विशेष मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए इन हस्तप्रतियों की जानकारी अपलोड की जाएगी। कर्नाटक में पुरातत्व, संग्रहालय एवं विरासत विभाग को इस योजना का नोडल विभाग बनाया गया है, जबकि कर्नाटक संस्कृत विश्वविद्यालय को सर्वेक्षण का क्लस्टर केंद्र नियुक्त किया गया है।
राज्य में अब तक 17 जिलों में 2 लाख 13 हजार 255 हस्तप्रतियों की जानकारी एकत्र की जा चुकी है। वर्तमान में बल्लारी जिले में भी सर्वेक्षण कार्य जारी है, जो मई माह के अंत तक चलेगा।
जिलाधिकारी ने अपील की है कि जिन लोगों के पास प्राचीन हस्तलिपियां, ताड़पत्र या ऐतिहासिक लिखित दस्तावेज उपलब्ध हों, वे इसकी जानकारी प्रशासन को दें, ताकि इस अमूल्य धरोहर को सुरक्षित रखा जा सके।
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