शोभायात्रा, प्रवचन और सेवा कार्यों से गूंजा वातावरण
हुब्बल्ली. भगवान महावीर स्वामी के 2625वें जन्मकल्याणक के अवसर पर हुब्बल्ली में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गए। दिगंबर जैन समाज की ओर से शांतिनाथ सांस्कृतिक भवन में आयोजित समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धार्मिक वातावरण को जीवंत बना दिया।
समारोह का उद्घाटन करते हुए अंतरराष्ट्रीय विद्वान डॉ. शुभचंद्र ने कहा कि भगवान महावीर जैन धर्म के संस्थापक नहीं, बल्कि उसके पुनर्प्रतिपादक थे। आदिनाथ से लेकर 23वें तीर्थंकर पाश्र्वनाथ तक के सिद्धांतों को महावीर ने पुन: स्थापित किया और हिंसा से ग्रस्त समाज को अहिंसा, सत्य, अस्तेय, अपरिग्रह, ब्रह्मचर्य तथा अनेकांतवाद का मार्ग दिखाया। उन्होंने “जीओ और जीने दो” के संदेश को आज भी विश्व के लिए प्रासंगिक बताया।
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले महावीर कुंदूर, विमल ताळिकोटी, प्रभावती मुत्तिन, भाग्यश्री काशिन और स्मिता बागी को सम्मानित किया गया। साथ ही भरतनाट्यम प्रस्तुतियों ने सांस्कृतिक रंग भर दिया।
प्रात:काल शहर के जैन मंदिरों में पंचामृत अभिषेक और नामकरण उत्सव आयोजित किए गए। पुराने हुब्बल्ली स्थित प्राचीन अनंतनाथ जिन मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें सुसज्जित रथ, पंचवर्ण ध्वज और भक्ति गीतों ने सभी का मन मोह लिया। कृत्रिम हाथी आकर्षण का केंद्र रहा, जबकि युवाओं ने भक्ति नृत्य प्रस्तुत कर उत्साह बढ़ाया।
महावीर जयंती के उपलक्ष्य में स्वास्थ्य जांच शिविर, रक्तदान शिविर और महाप्रसादी वितरण जैसे सेवा कार्य भी आयोजित किए गए।
Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?
अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें
हर खबर सबसे पहले
Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

