एचपीवी टीकाकरण अभियान की धीमी रफ्तारसांदर्भिक फोटो।

बालिकाओं को जागरूक करने की जरूरत

कर्नाटक में केवल 13.6 प्रतिशत लक्ष्य हासिल

गर्भाशय ग्रीवा कैंसर से बचाव के लिए मुफ्त टीके के बावजूद कम भागीदारी

मेंगलूरु. महिलाओं में जानलेवा बीमारी माने जाने वाले गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर की रोकथाम के लिए शुरू किया गया ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान राज्य में अपेक्षित गति नहीं पकड़ पा रहा है। “स्वस्थ नारी मिशन” के तहत चल रहे इस अभियान में अब तक कर्नाटक में केवल 13.6 प्रतिशत लक्ष्य ही हासिल हो पाया है, जो चिंता का विषय है।

राज्य में टीकाकरण की स्थिति

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, राज्य में कुल 6,89,620 बालिकाओं को टीका देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, लेकिन अब तक केवल 93,572 बालिकाओं को ही टीका लगाया जा सका है। जिलों में कोप्पल सबसे आगे है, जहां 32.4 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई है, जबकि बीबीएमपी क्षेत्र में मात्र 1.9 प्रतिशत टीकाकरण हुआ है।

रामनगर, बागलकोट, कोलार, हासन, शिवमोग्गा, उत्तर कन्नड़, मैसूरु और बीबीएमपी सहित 8 जिलों में 10 प्रतिशत लक्ष्य भी पूरा नहीं हो पाया है, जिससे अभियान की धीमी गति स्पष्ट होती है।

धीमी रफ्तार के कारण

अभियान की शुरुआत में स्कूलों में परीक्षाओं के कारण टीकाकरण प्रभावित हुआ। चूंकि यह टीका अभिभावकों की अनुमति से दिया जाता है, इसलिए कई माता-पिता अपने बच्चों को टीकाकरण के लिए नहीं ला सके। इसके अलावा, टीके के प्रति जागरूकता की कमी भी एक प्रमुख कारण बनी हुई है।

मुफ्त टीके के बावजूद झिझक

सरकार द्वारा 14 से 15 वर्ष की आयु की बालिकाओं को गार्डासिल-4 एचपीवी टीका मुफ्त में दिया जा रहा है। यह टीका प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला और तालुक अस्पतालों के साथ सरकारी मेडिकल कॉलेजों में उपलब्ध है। निजी अस्पतालों में इसी टीके की कीमत 8,000 रुपए तक है, फिर भी सरकारी सुविधा का पूरा लाभ नहीं उठाया जा रहा।

दक्षिण कन्नड़ और उडुपी की स्थिति

दक्षिण कन्नड़ जिले में 22,473 बालिकाओं के लक्ष्य में से 3,819 को टीका लग चुका है (17 प्रतिशत), जिससे यह 11वें स्थान पर है। वहीं उडुपी में 11,274 के लक्ष्य के मुकाबले 1,788 बालिकाओं (15.9 प्रतिशत) का टीकाकरण हुआ है।

स्वास्थ्य विभाग को उम्मीद है कि स्कूलों की छुट्टियों के बाद अभियान में तेजी आएगी। इसके लिए स्कूल स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम और अभिभावकों को जानकारी देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक बालिकाएं इस जीवनरक्षक टीके का लाभ उठा सकें।

लगातार चलाया जा रहा जागरूकता अभियान

गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की रोकथाम के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान शुरू हो चुका है। प्रारंभिक दिनों में स्कूल परीक्षाओं के कारण अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिली, लेकिन छुट्टियों के बाद इसमें तेजी आने की उम्मीद है। विभाग द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
हर्ष गुप्ता, मुख्य सचिव, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग

 

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