हावेरी के विधायक मंत्री पद की दौड़ में
दिल्ली-बेंगलूरु दौरे शुरू, जातीय समीकरण और वरिष्ठता के आधार पर तेज हुई लॉबिंग
हावेरी. कर्नाटक में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। हावेरी जिले के कांग्रेस विधायक मंत्री पद हासिल करने के लिए बेंगलूरु से लेकर दिल्ली तक सक्रिय हो गए हैं। पार्टी आलाकमान को साधने के लिए वरिष्ठ नेताओं के जरिए दबाव बनाने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।
जिले को अब तक नहीं मिला प्रतिनिधित्व
उत्तर कर्नाटक का अहम जिला हावेरी, शिग्गांव उपचुनाव के बाद पूरी तरह कांग्रेस विधायकों का गढ़ बन चुका है। जिले की सभी छह विधानसभा सीटों पर कांग्रेस का कब्जा है, बावजूद इसके अब तक किसी विधायक को मंत्री पद नहीं मिला है। इसे लेकर स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं में नाराजगी है।
स्थानीय नेताओं की बढ़ी सक्रियता
विधायक रुद्रप्पा लमाणी, बसवराज शिवन्ननवर और श्रीनिवास माने मंत्री पद के प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। ये सभी वरिष्ठता और राजनीतिक अनुभव के आधार पर अपनी दावेदारी मजबूत कर रहे हैं। वहीं, विधायक यूबी. बणकार, प्रकाश कोलिवाड और यासिर अहमद खान पठान भी जिले को प्रतिनिधित्व देने की मांग कर रहे हैं।
जातीय समीकरण भी अहम
मंत्रिमंडल गठन में जातीय संतुलन अहम भूमिका निभाता है। रुद्रप्पा लमाणी ने लंबाणी समुदाय का प्रतिनिधित्व न होने का मुद्दा उठाया है, जबकि बसवराज शिवन्ननवर ने कुरुबा समुदाय को मंत्री पद देने की मांग की है। इसी तरह मराठा समुदाय से आने वाले श्रीनिवास माने भी अपने पक्ष में लॉबिंग कर रहे हैं।
दिल्ली में तेज हुई लॉबिंग
सूत्रों के अनुसार, बसवराज शिवन्ननवर पहले ही दिल्ली पहुंच चुके हैं, जबकि अन्य विधायक भी जल्द राजधानी का रुख करेंगे। पार्टी आलाकमान का निर्णय अंतिम माना जा रहा है, इसलिए सभी नेता वहां अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटे हैं।
जिले को मंत्री पद मिलने की उम्मीद
जिला कांग्रेस अध्यक्ष संजीवकुमार नीरलगी ने कहा कि इस बार हावेरी जिले को मंत्री पद मिलने की पूरी उम्मीद है। किसी भी विधायक को अवसर मिले, इससे जिले के विकास को गति मिलेगी।
क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी
विधान परिषद के मुख्य सचेतक सलीम अहमद भी मंत्री पद की दौड़ में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि मैंने कित्तूर कर्नाटक क्षेत्र में पार्टी को मजबूत करने के लिए काम किया है। यदि मुझे मौका मिलता है तो क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।
विस्तार पर टिकी नजरें
पिछले वर्ष से लंबित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अब चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि इस बार हावेरी जिले के किसी एक विधायक को मंत्री पद मिलना लगभग तय है, जिससे क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश की जाएगी।
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