भीषण गर्मी में बिजली की मांग चरम परबल्लारी थर्मल पावर स्टेशन।

बल्लारी थर्मल प्लांट पर बढ़ा दबाव

राज्य में रोजाना 356.53 मिलियन यूनिट की मांग

बल्लारी. कर्नाटक में बढ़ती गर्मी के साथ बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है, जिससे उत्पादन इकाइयों पर भारी दबाव बना हुआ है। खासकर बल्लारी जिले के बल्लारी थर्मल पावर स्टेशन (बीटीपीएस) सहित राज्य के थर्मल पावर प्लांट लगातार अधिक क्षमता के साथ काम कर रहे हैं।

मांग और उत्पादन का अंतर

राज्य में प्रतिदिन लगभग 356.539 मिलियन यूनिट बिजली की मांग है, जबकि थर्मल पावर स्टेशनों से 106.96 मिलियन यूनिट उत्पादन हो रहा है। इनमें से अकेले बीटीपीएस से ही करीब 36.05 मिलियन यूनिट बिजली रोजाना उत्पन्न की जा रही है, जो कुल आपूर्ति में महत्वपूर्ण योगदान है।

हाइड्रो उत्पादन पर असर, थर्मल पर निर्भरता बढ़ी

भीषण गर्मी के कारण जलाशयों में पानी का स्तर घटने से जलविद्युत उत्पादन प्रभावित हुआ है। ऐसे में राज्य की बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिए थर्मल पावर प्लांट्स पर निर्भरता काफी बढ़ गई है।

प्रमुख बिजली उत्पादन केंद्र

कर्नाटक में बिजली उत्पादन के लिए थर्मल, हाइड्रो, पवन और सौर ऊर्जा स्रोतों का उपयोग किया जाता है। कल्याण कर्नाटक क्षेत्र में स्थित रायचूर थर्मल पावर स्टेशन (आरटीपीएस), येरमरास थर्मल पावर स्टेशन (वाईटीपीएस) और बल्लारी थर्मल पावर स्टेशन (बीटीपीएस) राज्य के प्रमुख बिजली उत्पादन केंद्र हैं।

बीटीपीएस की क्षमता और प्रदर्शन

कुडितिनी स्थित बीटीपीएस में कुल 3 यूनिट हैं—दो यूनिट 500 मेगावाट और एक यूनिट 700 मेगावाट क्षमता की है, जिससे कुल 1700 मेगावाट उत्पादन संभव है।
फरवरी में 805 मिलियन यूनिट की मांग के मुकाबले 855 मिलियन यूनिट उत्पादन किया गया, जबकि मार्च में 887.016 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन दर्ज किया गया। अप्रेल में 863 मिलियन यूनिट के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 840.558 मिलियन यूनिट उत्पादन हो चुका है।

कोयले की पर्याप्त उपलब्धता

बिजली उत्पादन के लिए बीटीपीएस को प्रतिदिन लगभग 25,000 मीट्रिक टन कोयले की आवश्यकता होती है, जो ओडिशा, महाराष्ट्र और तेलंगाना से मंगाया जा रहा है। फिलहाल प्लांट में 2.50 लाख मीट्रिक टन कोयले का भंडार उपलब्ध है, जो लगभग 10 दिनों के लिए पर्याप्त है।

आगे भी जारी रहेगा दबाव

संक्रांति, महाशिवरात्रि और उगादी जैसे अवसरों के दौरान बिजली की मांग और बढ़ती है। ऐसे में आने वाले महीनों में उत्पादन इकाइयों पर दबाव बने रहने की संभावना है।

कोयले की कोई कमी नहीं

गर्मी के चलते मई और जून तक बिजली की मांग लगातार बनी रहेगी। प्लांट की तीनों यूनिट लगातार संचालित हो रही हैं और कोयले की कोई कमी नहीं है।
गंगाधरय्या, कार्यकारी निदेशक, बीटीपीएस

 

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By Bharat Ki Awaz

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