बिस्तर, अलमारी और गर्म पानी तक नहीं
विद्यार्थियों ने जताई नाराजगी
हुब्बल्ली. धारवाड़ शहर के सप्तापुर स्थित मैट्रिक के बाद के बालक छात्रावास (दीनदयाल उपाध्याय सौहार्द विद्यार्थी निलय) में मूलभूत सुविधाओं के अभाव से विद्यार्थियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
समाज कल्याण विभाग के इस छात्रावास में बी.एड., एलएलबी, एम.ए. सहित विभिन्न स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के विद्यार्थी रह रहे हैं। हालांकि नए भवन में छात्रों को कमरे तो उपलब्ध कराए गए हैं, लेकिन आवश्यक सुविधाएं अब तक पूरी नहीं हो सकी हैं।
छात्रों के अनुसार कुछ कमरों में चार तो कुछ में पांच विद्यार्थियों को रखा गया है। कमरों में किताबें, लेखन सामग्री और कपड़े रखने के लिए अलमारियां नहीं हैं। कपड़े धोने के लिए अलग व्यवस्था भी नहीं की गई है, जिससे विद्यार्थियों को स्नानगृह के फर्श पर ही कपड़े धोने पड़ रहे हैं।
एलएलबी के छात्र शशिधर ने बताया कि छात्रावास में गर्म पानी की सुविधा नहीं है। भोजन और नाश्ते के लिए पास के पुराने छात्रावास में जाना पड़ता है। इसके अलावा मच्छरों की समस्या भी गंभीर बनी हुई है। इस संबंध में सरकार के मुख्य सचिव, समाज कल्याण मंत्री, विभाग के प्रधान सचिव और संयुक्त निदेशक को शिकायत दी गई है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
छात्रों ने बताया कि स्नानगृह की कई खिड़कियों के कांच टूट चुके हैं। मेज, कुर्सी, पलंग, तकिया, बिस्तर और चादर जैसी आवश्यक वस्तुएं भी उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को जमीन पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है।
छात्रावास भवन में भोजनालय कक्ष मौजूद है, लेकिन वहां अब तक रसोई शुरू नहीं हुई है। इस कारण विद्यार्थियों को भोजन और नाश्ते के लिए दूसरे छात्रावास जाना पड़ता है।
छात्रावास अधीक्षक असगर अली ने बताया कि नए भवन में करीब 150 विद्यार्थियों को कमरे दिए गए हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ सुविधाओं की कमी है और इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी गई है। जून महीने से छात्रावास में ही भोजन बनाने की व्यवस्था शुरू की जाएगी।
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