निवेशकों की बड़ी गलती आई सामने
मोदी-मेलोनी वीडियो वायरल होते ही खरीदे गए शेयर, लेकिन चॉकलेट कंपनी से नहीं था कोई संबंध
नई दिल्ली. नरेंद्र मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की मुलाकात के दौरान दिए गए “मेलोडी” टॉफी गिफ्ट का असर शेयर बाजार तक पहुंच गया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही निवेशकों ने “पार्ले” नाम से जुड़े शेयरों की खरीदारी शुरू कर दी, जिससे पारले इंडस्ट्रीज लिमिटेड के शेयरों में तेजी आ गई। हालांकि बाद में पता चला कि इस कंपनी का “मेलोडी” टॉफी से कोई संबंध ही नहीं है।
दरअसल “मेलोडी” टॉफी बनाने वाली कंपनी पारले प्रोडक्ट्स है, जो एक निजी कंपनी है और शेयर बाजार में सूचीबद्ध नहीं है। जबकि निवेशकों ने जल्दबाजी में बीएसई पर सूचीबद्ध “पार्ले इंडस्ट्रीज” के शेयर खरीद लिए, जो रियल एस्टेट, इंफ्रास्ट्रक्चर, पेपर और रिसाइक्लिंग कारोबार से जुड़ी कंपनी है।
वीडियो वायरल होने के कुछ ही समय बाद पार्ले इंडस्ट्रीज के शेयर करीब 5 प्रतिशत उछलकर 4.95 से 5.25 रुपए तक पहुंच गए। खास बात यह रही कि ईरान-इजरायल तनाव के कारण उस दिन बाजार में गिरावट का माहौल था, लेकिन यह शेयर तेजी से ऊपर गया। जबकि पिछले 12 महीनों में कंपनी के शेयर करीब 68 प्रतिशत तक गिर चुके थे और हाल में कोई बड़ा कारोबारी ऐलान भी नहीं हुआ था।
सोशल मीडिया पर “मेलोडी” ट्रेंड लंबे समय से मोदी और मेलोनी के नामों के संयोजन के रूप में लोकप्रिय रहा है। हाल ही में इटली दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने मेलोनी को भारतीय “मेलोडी” टॉफी भेंट की थी, जिसका वीडियो काफी वायरल हुआ।
इसी बीच केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि भारत के टॉफी निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2013-14 में जहां टॉफी निर्यात 49.68 करोड़ रुपए था, वहीं 2025-26 में यह बढक़र 132 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है, यानी करीब 166 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
उन्होंने कहा कि भारतीय मिठाइयों और टॉफियों की वैश्विक मांग लगातार बढ़ रही है, जो भारत के खाद्य निर्यात क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत है।
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