तुंगभद्रा समारोह : तीन मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी में ऐतिहासिक क्षण

33 नए क्रेस्ट गेट राष्ट्र को समर्पित

मुनिराबाद (कोप्पल)। तुंगभद्रा जलाशय के 33 नए क्रेस्ट गेटों का लोकार्पण तीन राज्यों के मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबु नायडू और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने संयुक्त रूप से जलाशय का उद्घाटन किया।

किसानों के हित सर्वोपरि

मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी सुरक्षा व समृद्धि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले वर्ष जलाशय का 19वां गेट बह जाने से गंभीर संकट उत्पन्न हुआ था, लेकिन विशेषज्ञों और अधिकारियों के सहयोग से स्थिति संभाली गई। नए गेटों से जलाशय की सुरक्षा और जल प्रबंधन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

“पानी हमारा अधिकार है, लेकिन उसकी रक्षा करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी भी है।” — डी.के. शिवकुमार

नायडू ने कन्नड़ में किया संबोधन

तुंगभद्रा समारोह : तीन मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी में ऐतिहासिक क्षण

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नायडू ने कन्नड़ भाषा में अपना संबोधन शुरू कर किसानों और नागरिकों की वाहवाही बटोरी। उन्होंने कहा कि तुंगभद्रा नदी तीन राज्यों के लाखों किसानों की जीवनरेखा है और छह माह में 33 गेटों का निर्माण एक बड़ी उपलब्धि है।

रेवंत रेड्डी का सहयोग का संदेश

तुंगभद्रा समारोह : तीन मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी में ऐतिहासिक क्षण

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि तीनों राज्यों को किसानों के हितों की रक्षा के लिए मिलकर काम करना होगा। उन्होंने गोदावरी, कृष्णा और तुंगभद्रा नदियों के जल विवादों के स्थायी समाधान के लिए केंद्र सरकार से सक्रिय मध्यस्थता की मांग की।

“तीनों राज्यों के किसानों की समृद्धि और जल सुरक्षा के लिए सहयोग ही एकमात्र रास्ता है।” — रेवंत रेड्डी

केंद्र की भूमिका

तुंगभद्रा समारोह : तीन मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी में ऐतिहासिक क्षण

केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने घोषणा की कि तुंगभद्रा जलाशय में जमा गाद हटाने के लिए विशेष योजना बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि देश के लगभग 6,500 जलाशयों में औसतन 15% गाद जमा है और इसे हटाने के लिए तकनीकी सहयोग दिया जाएगा। साथ ही नदी जोड़ो परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया।

“जल संरक्षण और जल का विवेकपूर्ण उपयोग समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।” — सी.आर. पाटिल

समारोह का महत्व

इस आयोजन ने तीनों राज्यों के बीच सहयोग, जल सुरक्षा और किसान हितों के प्रति साझा प्रतिबद्धता का संदेश दिया। हजारों किसानों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी में समारोह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

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By Bharat Ki Awaz

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