किसानों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर भाजपा का हमलाडी.के. शिवकुमार और प्रियांक खरगे।

बिडदी टाउनशिप विवाद गरमाया

प्रदर्शनकारी किसानों को रोकने पर सियासी संग्राम

भाजपा ने डी.के. शिवकुमार और प्रियांक खरगे को घेरा

कुमारस्वामी ने गांव में ही चर्चा की मांग दोहराई

बेंगलूरु। बिडदी टाउनशिप परियोजना को लेकर चल रहा विवाद बुधवार को और तेज हो गया। रामनगर जिले के बैरमंगला गांव में परियोजना का विरोध कर रहे किसानों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस हस्तक्षेप को लेकर भाजपा ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है।

भाजपा की कर्नाटक इकाई ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच पर जारी बयान में आरोप लगाया कि किसानों की आवाज दबाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल किया जा रहा है। पार्टी ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और गृह मंत्री प्रियांक खरगे पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों के साथ कठोर व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।

पुलिस कार्रवाई पर भाजपा का विरोध

प्रदर्शन के दौरान एक मूक किसान के साथ कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा उठाते हुए भाजपा ने सरकार की आलोचना की। पार्टी ने कहा कि अन्नदाता के सम्मान से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और किसानों की मांगों को बल प्रयोग के बजाय संवाद के माध्यम से सुना जाना चाहिए।

भाजपा ने आरोप लगाया कि टाउनशिप परियोजना के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहित करने की प्रक्रिया को लेकर स्थानीय लोगों में व्यापक असंतोष है और सरकार को पहले उनकी आशंकाओं का समाधान करना चाहिए।

टाउनशिप पर बढ़ी राजनीतिक रस्साकशी

इस बीच केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने मुख्यमंत्री को दूसरा पत्र लिखकर बिडदी टाउनशिप परियोजना पर खुली चर्चा की मांग की है। उन्होंने आग्रह किया कि 27 जून को बैरमंगला गांव पहुंचकर किसानों और स्थानीय निवासियों की शिकायतें प्रत्यक्ष रूप से सुनी जाएं।

इसके जवाब में मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार पहले ही कुमारस्वामी को 26 जून को विधानसौधा में चर्चा के लिए आमंत्रित कर चुके हैं। हालांकि, जनता दल (सेक्युलर) (जेडीएस) ने यह प्रस्ताव ठुकराते हुए कहा है कि चर्चा उसी स्थान पर होनी चाहिए जहां किसान आंदोलन कर रहे हैं।

किसानों की चिंता बनी केंद्र में

बिडदी टाउनशिप परियोजना को लेकर किसानों, स्थानीय संगठनों और राजनीतिक दलों के बीच मतभेद लगातार बढ़ रहे हैं। एक ओर सरकार इसे विकास और शहरी विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बता रही है, वहीं दूसरी ओर किसान संगठन भूमि अधिग्रहण और आजीविका पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंता जता रहे हैं।

सियासी टकराव पर सबकी नजर

टाउनशिप परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और एच.डी. कुमारस्वामी के बीच जारी बयानबाजी तथा किसानों के आंदोलन ने इस मुद्दे को राज्य की प्रमुख राजनीतिक बहसों में शामिल कर दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार और आंदोलनकारी पक्ष के बीच संवाद का कोई रास्ता निकलता है या विवाद और गहराता है।

 

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By Bharat Ki Awaz

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