हिप्परगी बैराज के 21 क्रेस्ट गेट बदलने की सिफारिशहिप्परगी बैराज।

25 वर्ष पुराने गेटों में व्यापक घिसाव; 43 करोड़ रुपए की परियोजना पर सरकार स्तर पर टेंडर प्रक्रिया जारी

रबकवी-बनहट्टी (बागलकोट). कृष्णा नदी पर बागलकोट जिले के हिप्परगी के निकट निर्मित हिप्परगी बैराज के 25 वर्ष पुराने क्रेस्ट गेटों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। तकनीकी विशेषज्ञों ने निरीक्षण के बाद अधिकांश गेटों में गंभीर घिसाव पाए जाने पर 22 में से 21 क्रेस्ट गेट बदलने की सिफारिश की है।

25 साल पुराने गेटों में भारी घिसाव

विशेषज्ञों के अनुसार, बैराज के क्रेस्ट गेट अपनी निर्धारित उपयोग अवधि पूरी कर चुके हैं। कुछ स्टील प्लेटें, जिनकी मूल मोटाई 10 मिमी थी, घिसकर 4 से 5 मिमी तक रह गई हैं। ऐसे में अधिक जलदाब के दौरान गेटों के क्षतिग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है। पिछले वर्षों में भी कुछ गेटों की मरम्मत और एक गेट का प्रतिस्थापन किया जा चुका है, लेकिन शेष गेट अब भी पुराने हैं।

विशेषज्ञ दल ने की तकनीकी जांच

मई में हैदराबाद के विशेषज्ञों की टीम ने बैराज का निरीक्षण कर सभी गेटों की तकनीकी जांच की। निरीक्षण रिपोर्ट में 21 क्रेस्ट गेटों को पूरी तरह बदलने की अनुशंसा की गई। इसके लिए लगभग 43 करोड़ रुपए की लागत का अनुमान तैयार किया गया है और टेंडर प्रक्रिया सरकार के स्तर पर चल रही है।

शीघ्र शुरू होगा कार्य : विधायक

तेरदाल के विधायक सिद्दु सवदी ने कहा कि सिंचाई मंत्री रामलिंगा रेड्डी के साथ इस विषय पर चर्चा की गई है। लगभग 43 करोड़ रुपए की लागत वाली इस परियोजना का टेंडर जल्द जारी होगा। विजयनगर जिले के तुंगभद्रा बांध की तर्ज पर हिप्परगी बैराज के क्रेस्ट गेटों का आधुनिकीकरण भी समय की आवश्यकता है, ताकि सिंचाई व्यवस्था सुरक्षित और निर्बाध बनी रहे।

 

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By Bharat Ki Awaz

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