कमजोर मानसून से खेती और बिजली उत्पादन पर संकटउत्तर कन्नड़ के जलाशयों में घटा जलस्तर।

दांडेली-जोयडा में बारिश की कमी, जलाशयों की आवक घटी

जुलाई में भी नहीं बरसा मानसून, किसानों की बढ़ी चिंता

दांडेली (उत्तर कन्नड़). जुलाई का पहला सप्ताह शुरू होने के बावजूद उत्तर कन्नड़ जिले के दांडेली, जोयडा और हलियाल क्षेत्र में मानसून अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखा पाया है। मौसम विभाग की लगातार बारिश संबंधी भविष्यवाणियों के बावजूद सामान्य से कम बारिश होने से कृषि, जलाशयों, जलविद्युत उत्पादन और पेयजल व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। दूसरी ओर जिले के तटीय क्षेत्रों कारवार, अंकोला, कुमटा और होन्नावर में अच्छी बारिश दर्ज की जा रही है, जिससे तटीय और आंतरिक क्षेत्रों के बीच बारिश का असंतुलन स्पष्ट दिखाई दे रहा है।

खेती पर प्रतिकूल असर

मानसूनी बारिश पर निर्भर किसानों की बुवाई प्रभावित हुई है। धान, मक्का और सोयाबीन जैसी फसलों की बुवाई में देरी हो रही है, जबकि कई स्थानों पर बोई गई फसलें पर्याप्त नमी के अभाव में कमजोर पडऩे लगी हैं। यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो किसानों को दोबारा बुवाई करनी पड़ सकती है, जिससे लागत बढऩे के साथ उत्पादन पर भी असर पड़ेगा।

जलाशयों और बिजली उत्पादन पर दबाव

दांडेली और जोयडा क्षेत्र की बारिश काली नदी के जलग्रहण क्षेत्र का प्रमुख आधार है। कम बारिश के कारण जलाशयों में अपेक्षित जलप्रवाह नहीं पहुंच रहा है। इसका सीधा असर काली नदी आधारित जलविद्युत परियोजनाओं पर पड़ सकता है। जलस्तर कम रहने से बिजली उत्पादन घटने और वैकल्पिक स्रोतों से बिजली खरीदने की आवश्यकता बढ़ सकती है।

भविष्य में पेयजल संकट की आशंका

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो अगले ग्रीष्मकाल में भूजल स्तर, तालाबों और छोटे जलाशयों पर भी असर पड़ेगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट उत्पन्न हो सकता है। मौसम वैज्ञानिक इसे बदलते जलवायु चक्र का संकेत मान रहे हैं, जिसमें एक क्षेत्र में अत्यधिक बारिश और दूसरे क्षेत्र में बारिश की कमी देखने को मिल रही है।

सरकार से समय रहते तैयारी की मांग

विशेषज्ञों ने प्रशासन को बारिश की स्थिति पर सतत निगरानी रखने, किसानों को आवश्यक तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने, जलाशयों का वैज्ञानिक प्रबंधन सुनिश्चित करने तथा संभावित पेयजल संकट से निपटने के लिए अग्रिम कार्ययोजना तैयार करने की सलाह दी है। उनका मानना है कि यदि आने वाले दिनों में व्यापक और लगातार बारिश नहीं हुई तो इस क्षेत्र में सूखे जैसी स्थिति गहराने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

 

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By Bharat Ki Awaz

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