सरकार अब भी प्रति अंडा 6 रुपए दे रही, बाजार भाव 9 रुपए
शिक्षकों ने की दर बढ़ाने की मांग उठाई
हुब्बल्ली. बाजार में अंडों की कीमत बढऩे से सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना के तहत विद्यार्थियों को अंडे उपलब्ध कराना चुनौती बन गया है। शिक्षकों का कहना है कि सरकार अभी भी प्रति अंडा 6 रुपए ही दे रही है, जबकि खुदरा बाजार में एक अंडे की कीमत 9 रुपए तक पहुंच गई है। ऐसे में अतिरिक्त खर्च का बोझ प्रधानाध्यापकों पर पड़ रहा है।
बढ़ती कीमत से स्कूल परेशान
शिक्षकों के अनुसार, योजना शुरू होने के समय निर्धारित 6 रुपए की दर आज भी लागू है। वर्तमान में थोक बाजार में 100 अंडों की कीमत लगभग 725 रुपए है। इसके बावजूद अनुदान राशि में संशोधन नहीं किया गया है।
प्रधानाध्यापक जी.एन. कुबिहाल ने बताया कि इस संबंध में कई बार उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन निर्णय सरकार के स्तर पर होने की बात कहकर मामला टाल दिया जाता है।
शिक्षकों पर बढ़ा प्रशासनिक बोझ
सरकारी व्यवस्था के अनुसार विद्यार्थियों को सप्ताह में छह दिन एक-एक अंडा दिया जाता है। इनमें दो दिन राज्य सरकार और चार दिन अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के सहयोग से अंडे उपलब्ध कराए जाते हैं। दोनों मदों के लिए अलग-अलग अभिलेख रखने पड़ते हैं। इसके अलावा विद्यार्थियों की मासिक ऊंचाई और वजन का रिकॉर्ड, मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता तथा आपूर्ति करने वाले कर्मचारियों की स्वच्छता की निगरानी की जिम्मेदारी भी शिक्षकों पर है।
एजेंसी से वितरण कराने की मांग
कर्नाटक राज्य प्राथमिक विद्यालय शिक्षक संघ के पूर्व अध्यक्ष मंजुनाथ जंगली ने कहा कि अंडे लाने, उबालने और वितरण का खर्च भी इसी राशि में समायोजित करना पड़ता है, जिससे प्रधानाध्यापकों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ रहा है।
अक्षर दासोह (मिड डे मील) अधिकारी डॉ. संगमेश बंगारिमठ ने सुझाव दिया कि अंडों के वितरण का कार्य किसी एजेंसी को सौंप दिया जाए, ताकि शिक्षक शिक्षण कार्य पर अधिक समय दे सकें।
उन्होंने बताया कि अंडों की बढ़ी कीमत को लेकर प्राप्त मांगों पर पीएम पोषण की बैठक में चर्चा हुई है और शीघ्र ही सरकार को विस्तृत रिपोर्ट भेजी जाएगी।
Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?
अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें
हर खबर सबसे पहले
Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

