बुनियादी सुविधाओं से वंचित 400 पूर्व सैनिकबुनियादी सुविधाओं से वंचित 400 पूर्व सैनिक

सम्मानजनक जीवन के लिए संघर्ष जारी

विजयनगर जिले में सैनिक भवन, भूखंड और कल्याण योजनाएं अब भी अधूरी; करगिल विजय दिवस से पहले व्यवस्था पर उठे सवाल

विजयनगर. करगिल विजय दिवस और स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों के बीच विजयनगर जिले के 400 से अधिक पूर्व सैनिक आज भी अपनी बुनियादी सुविधाओं के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। सीमा पर देश की रक्षा करने वाले इन वीर जवानों को सेवानिवृत्ति के बाद सैनिक कल्याण योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। पूर्व सैनिक संगठनों ने प्रशासन पर सैनिक कल्याण अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन में उदासीनता बरतने का आरोप लगाया है।

वर्षों से लंबित भूमि और भूखंड की मांग

पूर्व सैनिक संगठन के अनुसार जिले के होसपेट में 123, हरपनहल्ली में 86, हडगली में 46, हगरीबोम्मनहल्ली में 23, कोट्टूर में 6 तथा कुडलिगी में 5 पूर्व सैनिक हैं। इन सभी ने सैनिक कल्याण नियमों के तहत 4.99 एकड़ कृषि भूमि तथा नियमानुसार ग्रामीण क्षेत्रों में 60 गुणा 40 और शहरी क्षेत्रों में 30 गुणा 40 फीट के आवासीय भूखंड के लिए आवेदन किया है, लेकिन वर्षों बाद भी अधिकांश मामलों में आवंटन नहीं हो सका है।

सैनिक भवन और स्मारक अब भी सपना

जिले में सैनिक भवन और शहीद स्मारक का निर्माण भी अधूरा है। हगरीबोम्मनहल्ली में सैनिक भवन के लिए नगर निकाय ने 3,300 वर्ग फुट भूमि देने का प्रस्ताव पारित किया, लेकिन 30 वर्ष की लीज के लिए लगभग 74 लाख रुपए जमा कराने की शर्त रखी गई। पूर्व सैनिकों का कहना है कि यह राशि वहन करना संभव नहीं है और सरकार को भूमि नि:शुल्क उपलब्ध करानी चाहिए।

कल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल

पूर्व सैनिकों का कहना है कि रोजगार, स्वास्थ्य, पुनर्वास, कौशल विकास तथा बच्चों की शिक्षा में शुल्क रियायत जैसी कई सरकारी योजनाओं का लाभ भी अपेक्षित रूप से नहीं मिल रहा है। जिला स्तर पर सैनिक कल्याण कार्यालयों को सुदृढ़ करने, लंबित आवेदनों का शीघ्र निपटारा करने तथा सभी पात्र पूर्व सैनिकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की मांग की गई है।

अखिल कर्नाटक पूर्व सैनिक संघ के जिला अध्यक्ष जी.एस. मंजुनाथ ने कहा कि देश की रक्षा करने वाले सैनिकों को सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना सरकार के साथ-साथ समाज की भी नैतिक जिम्मेदारी है।

हगरीबोम्मनहल्ली तालुक अध्यक्ष एम. रामरेड्डी ने सैनिक भवन और स्मारक निर्माण के लिए सरकार से नि:शुल्क भूमि उपलब्ध कराने की मांग दोहराई।

 

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By Bharat Ki Awaz

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